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    कैसे करें इण्टरव्यू की तैयारी

    कैसे करें इण्टरव्यू की तैयारी - how to prepare any exam, simple tips and tricks

    क्या है इंटरव्यू (व्यक्तित्व परीक्षण)

    UPSC की सिविल सेवा परीक्षा का इंटरव्यू दिल्ली स्थित UPSC के भवन में होता है। आपका इंटरव्यू इस हेतु गठित विभिन्न इंटरव्यू बोर्डों में से किसी एक द्वारा लिया जाता है। प्रत्येक इंटरव्यू बोर्ड के अध्यक्ष संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य होते हैं। प्रत्येक इंटरव्यू बोर्ड में आम तौर पर एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्य होते हैं।
    इंटरव्यू बोर्ड के समक्ष लोक सेवाओं में कैरियर के लिए अभ्यर्थियों की उपयुक्तता (suitability) की जाँच की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी होती है। मेरी समझ में इंटरव्यू बोर्ड यह जानने कि 'आप कितना जानते हैं?' से ज़्यादा यह जानना चाहता है कि आपके व्यक्तित्व कैसा है और आप कैसे सोचते हैं? कैसे व्यवहार करते हैं और आप कितना सीखना चाहते हैं यानी आपको ट्रेनिंग दी जा सकती है या नहीं?
    इंटरव्यू बोर्ड आपकी बौद्धिक योग्यताओं के साथ-साथ आपके सामाजिक-व्यावहारिक गुणों की परख भी करना चाहता है। ऐसे कुछ गुणों या विशेषताओं में, मानसिक सतर्कता, स्पष्ट एवं तर्कपूर्ण अभिव्यक्ति, संतुलित दृष्टिकोण, नेतृत्व कौशल, नैतिक सत्यनिष्ठा, समालोचनात्मक विश्लेषण, सामान्य रूचि के विषयों और रोज़मर्रा की घटनाओं के प्रति उत्सुकता और जागरूकता जैसी विशेषताएँ शामिल हैं। इसके साथ ही उम्मीदवार की भाषा, शब्दों के चयन और धैर्य की भी परीक्षा की जाती है। मेरी समझ में, किसी भी श्रेष्ठ अभ्यर्थी में परिपक्वता, तार्किकता, विनम्रता, संचार कौशल, संचित ज्ञान का विस्तृत और व्यापक आधार, सकारात्मकता, प्रत्युत्पन्नमतित्व (presence of mind), व्यापक और  संतुलित व्यावहारिक दृष्टिकोण जैसे गुणों का एक ठीक-ठाक विकसित स्तर होना चाहिए।

    मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी ....

    पहली बात तो यह कि मुख्य परीक्षा देने के तुरंत बाद यदु आपको सकारात्मक रिज़ल्ट कि थोड़ी भी उम्मीद है तो आप इंटरव्यू की तैयारी शुरू कर दें। यह भी ध्यान दें कि हड़बड़ाने की कोई ज़रूरत नहीं है। आपको मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू तक इंटरव्यू की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। मुख्य परीक्षा देने से पहले तो इंटरव्यू की तैयारी की चिंता बिलकुल न करें।

    आइए, संक्षेप में चर्चा करते हैं इंटरव्यू की समग्र तैयारी के बारे में-

    1. सबसे पहले अपना विस्तृत आवेदन पत्र (DAF) देखें, जो आपने मुख्य परीक्षा के लिए भरा था। इंटरव्यू बोर्ड को आपके बारे में जो कुछ भी जानकारी होती है, उसका स्त्रोत आपका DAF ही होता है। अतः DAF के अनुरूप तैयारी का ख़ाका तैयार कर लें (जहाँ तक मुख्य परीक्षा के पूर्व DAF भरने का प्रश्न है, तो उसके बारे में चर्चा इसी किताब के अन्य अध्याय -'कैसे करें मुख्य परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन' में की गयी है।



    2. DAF में आपके नाम, पता, गृह राज्य, शैक्षिक और तकनीकी योग्यता, अनुभव, रूचियों, वैकल्पिक विषय, सर्विस और कैडर की प्राथमिकताओं समेत अनेक जानकारियाँ होती हैं। जब आप मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी करें, तो DAF में उल्लिखित जानकारियों यानी अपने बायोडाटा के प्रत्येक बिन्दु पर ठीक से तैयारी कर लें। इस ख़ाली समय का लाभ उठाते हुए एक छोटी सी डायरी बना लें, और उसमें DAF में उल्लिखित आपकी जानकारियों से सम्बंधित सम्भावित सवाल और उनके जवाब सोचने की कोशिश करें। आपके बायोडाटा से पूछे जा सकने वाले सवालों की लम्बी रेंज हो सकती है और आप ऐसे दर्जनों सवालों के बारे में सोच सकते हैं। आपके नाम के अर्थ से लेकर गृह ज़िले और गृह राज्य की विशेषताओं और समस्याओं तक, एजूकेशनल क्वालिफ़िकेशन से जुड़े ज्ञान से लेकर वैकल्पिक विषय से जुड़े प्रासंगिक मुद्दों तक, पूछे जा सकने वाले सवालों की एक लम्बी रेंज हो सकती है।

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    3. DAF में लिखी गयी ख़ुद की रूचियों से पूछे जा सकने वाले सवालों को लेकर अभ्यर्थी काफ़ी सशंकित रहते हैं। पहली बात तो यह कि आवेदन पत्र में वे रूचियाँ (Hobbies and interests) ही भरें, जो आपके व्यक्तित्व से सचमुच जुड़ी हों या आप पहले उनसे जुड़े रहे हों। ऐसी बहुत सी अभिरुचियाँ हो सकती हैं, जैसे- कोई खेल खेलना, किताबें पढ़ना, संगीत सुनना, फ़िल्में देखना, योग-ध्यान करना, कविताएँ लिखना आदि। आपने जिन एक या दो रूचियों का ज़िक्र अपने DAF में किया है, उनसे जुड़े सवालों के लिए प्रोपर तैयारी कर लें। उसके बारे में कुछ पढ़ भी लें, बल्कि मैं तो कहूँगा कि इंटरव्यू की तैयारी के दौरान रोज़ एकाध घंटा उस हॉबी को जियें भी। तभी आप उस हॉबी की गहराई से ख़ुद को जोड़ पाएँगे और इंटरव्यू में सहज रहेंगे।



    4. इंटरव्यू की तैयारी का एक और बड़ा पक्ष है, करेंट अफ़ेयर्स और उससे सम्बंधित मुद्दे। चूँकि इंटरव्यू बोर्ड आपके विचार और वैचारिकी जानना चाहता है, पर उसके लिए कोई ऐसा मुद्दा या विषय चाहिए, जिस पर दोनों पक्ष बात कर सकें। करेंट अफ़ेयर्स इस दृष्टि से काफ़ी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। इस संदर्भ में इंटरव्यू से एक महीने पहले तक का घटनाक्रम और उससे जुड़े मुद्दे अति महत्वपूर्ण होते हैं। आपसे इन मुद्दों पर आपकी राय पूछी जा सकती है। अतः इस खंड की तैयारी के लिए मेरी सलाह है कि एक डायरी बनाकर उस दौरान के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के बहुत संक्षिप्त नोट्स तैयार कर लें।
    यूपीएससी परीक्षा के इंटरव्यू की तैयारी के दौरान आस- पास के माहौल के प्रति अवेयर रहना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप रेडियो, टीवी, न्यूजपेपर, पत्रिकाएँ और इंटरनेट की मदद ले सकते हैं। सभी माध्यमों का प्रयोग करके उन्हें एकीकृत करने की कोशिश करें।

    5. आपसे कुछ विवादास्पद मुद्दों पर भी आपकी राय पूछी सकती है। जैसे-शराबबंदी की नीति उचित है या नहीं? क्या समलैंगिकता अनैतिक है? क्या पिछले दिनों भारत में असहिष्णुता बढ़ी है? आदि। ऐसे मुद्दों के पक्ष-विपक्ष दोनों नोट कर लें और फिर एक निष्कर्ष सोचें। निष्कर्ष जो भी हो, मेरी समझ में प्रगतिशील, सकारात्मक हो और अतिवादी प्रतीत नहीं हो, तो बेहतर है।
    6. कोशिश करें कि इंटरव्यू देने से पहले कुछ मॉक इंटरव्यू जरूर दे दें, क्योंकि इससे आपकी वे कमियां सामने आ जाती हैं, जो आपको खुद भी पता नहीं होतीं। बेहतर होगा कि आप अपनी जिंदगी का पहला इंटरव्यू यूपीएससी में ही फेस ना करें। यद्यपि ऐसे भी कुछ अभ्यर्थियों में इंटरव्यू में अच्छे अंक हासिल किए हैं जिन्होंने एक भी मॉक इंटरव्यू नहीं दिया।

    7. मॉक इंटरव्यू देने का एक और बढ़िया तरीक़ा है कि आप तीन-चार दोस्त एक ग्रुप बनाएँ और दो-तीन साथी मिलकर चौथे साथी का इंटरव्यू लें। इस तरह इंटरव्यू की तैयारी बंद कमरे तक न रखकर ग्रुप डिस्कशन और मॉक इंटरव्यू का भरपूर अभ्यास करते हुए करें।

    8. इस बात का भी ख्याल रखें कि अगर मॉक इंटरव्यू लेने वाले ने आपमें कोई बड़ी कमी बता देता है, तो उसे बहुत ज्यादा दिल पर लेकर अपना कॉन्फिडेंस लूज ना करें और उसमें सुधार करने की कोशिश करें। हो सकता है मॉक इंटरव्यू लेने वाले की दृष्टि में आपकी कमी बड़ी हो, पर UPSC इंटरव्यू बोर्ड उस कमी को महत्व न दे।

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