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    अनेक शब्दों के लिए एक शब्द (One Word Substitution in Hindi)

    अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

    वाक्यांश या शब्द–समूह    =   शब्द

    • फेँक कर चलाया जाने वाला हथियार — अस्त्र
    • जिस पुस्तक मेँ आठ अध्याय होँ — अष्टाध्यायी
    • आवश्यकता से अधिक बरसात — अतिवृष्टि
    • बरसात बिल्कुल न होना — अनावृष्टि
    • बहुत कम बरसात होना — अल्पवृष्टि
    • इंद्रियोँ की पहुँच से बाहर — अतीन्द्रिय/इंद्रयातीत
    • सीमा का अनुचित उल्लंघन — अतिक्रमण
    • जो बीत गया हो — अतीत
    • जिसकी गहराई का पता न लग सके — अथाह
    • आगे का विचार न कर सकने वाला — अदूरदर्शी
    • जो आज तक से सम्बन्ध रखता है — अद्यतन
    • आदेश जो निश्चित अवधि तक लागू हो — अध्यादेश
    • जिस पर किसी ने अधिकार कर लिया हो — अधिकृत
    One Word Substitution, Anek shabdo ke liye ek shabd
    Hindi, One Word Substitution
    • वह सूचना जो सरकार की ओर से जारी हो — अधिसूचना
    • विधायिका द्वारा स्वीकृत नियम — अधिनियम
    • अविवाहित महिला — अनूढ़ा
    • जिसकी गिनती न हो सके — अगणित/अगणनीय
    • जो पहले पढ़ा हुआ न हो — अपठित
    • जिसके आने की तिथि निश्चित न हो — अतिथि
    • कमर के नीचे पहने जाने वाला वस्त्र— अधोवस्त्र
    • जिसके बारे मेँ कोई निश्चय न हो— अनिश्चित
    • जिसका भाषा द्वारा वर्णन असंभव हो— अनिर्वचनीय
    • अत्यधिक बढ़ा–चढ़ा कर कही गई बात— अतिशयोक्ति
    • सबसे आगे रहने वाला— अग्रणी
    • जो पहले जन्मा हो— अग्रज
    • जो बाद मेँ जन्मा हो— अनुज
    • जो इंद्रियोँ द्वारा न जाना जा सके— अगोचर
    • जिसका पता न हो— अज्ञात
    • आगे आने वाला— आगामी
    • अण्डे से जन्म लेने वाला— अण्डज
    • जो छूने योग्य न हो— अछूत
    • जो छुआ न गया हो— अछूता
    • जो अपने स्थान या स्थिति से अलग न किया जा सके— अच्युत
    • जो अपनी बात से टले नहीँ— अटल
    • वह स्त्री जिसके पति ने दूसरी शादी कर ली हो— अध्यूढ़ा
    • दूसरे की विवाहित स्त्री— अन्योढ़ा
    • गुरु के पास रहकर पढ़ने वाला— अन्तेवासी
    • पहाड़ के ऊपर की समतल जमीन— अधित्यका
    • जिसके हस्ताक्षर नीचे अंकित हैँ— अधोहस्ताक्षरकर्त्ता

    Note:-
    • एक भाषा के विचारोँ को दूसरी भाषा मेँ व्यक्त करना— अनुवाद
    • किसी सम्प्रदाय का समर्थन करने वाला— अनुयायी
    • किसी प्रस्ताव का समर्थन करने की क्रिया— अनुमोदन
    • जिसके माता–पिता न होँ— अनाथ
    • जिसका जन्म निम्न वर्ण मेँ हुआ हो— अंत्यज
    • परम्परा से चली आई कथा— अनुश्रुति
    • जिसका कोई दूसरा उपाय न हो— अनन्योपाय
    • वह भाई जो अन्य माता से उत्पन्न हुआ हो— अन्योदर
    • पलक को बिना झपकाए— अनिमेष/निर्निमेष
    • जो बुलाया न गया हो— अनाहूत
    • जो ढका हुआ न हो— अनावृत
    • जो दोहराया न गया हो— अनावर्त
    • पहले लिखे गए पत्र का स्मरण— अनुस्मारक
    • पीछे–पीछे चलने वाला/अनुसरण करने वाला— अनुगामी
    • महल का वह भाग जहाँ रानियाँ निवास करती हैँ— अंतःपुर/रनिवास
    • जिसे किसी बात का पता न हो— अनभिज्ञ/अज्ञ
    • हाथी हाँकने का छोटा भाला— अंकुश
    • जो कहा न जा सके— अकथनीय
    • जिसे क्षमा न किया जा सके— अक्षम्य
    • जिस स्थान पर कोई न जा सके— अगम्य
    • जो कभी बूढ़ा न हो— अजर
    • जिसका कोई शत्रु न हो— अजातशत्रु
    • जो जीता न जा सके— अजेय
    • जो दिखाई न पड़े— अदृश्य
    • जिसके समान कोई न हो— अद्वितीय
    • हृदय की बातेँ जानने वाला— अन्तर्यामी
    • पृथ्वी, ग्रहोँ और तारोँ आदि का स्थान— अन्तरिक्ष
    • दोपहर बाद का समय— अपराह्न
    • जो सामान्य नियम के विरुद्ध हो— अपवाद
    • जिस पर मुकदमा चल रहा हो/अपराध करने का आरोप हो/अभियोग लगाया गया हो— अभियुक्त
    • जो पहले कभी नहीँ हुआ— अभूतपूर्व
    • जिसका आदर न किया गया हो— अनादृत
    • जिसका मन कहीँ अन्यत्र लगा हो— अन्यमनस्क
    • जो धन को व्यर्थ ही खर्च करता हो— अपव्ययी
    • आवश्यकता से अधिक धन का संचय न करना— अपरिग्रह
    • जो रचना अन्य भाषा की अनुवाद हो— अनूदित
    • जिसके पास कुछ न हो अर्थात् दरिद्र— अकिँचन
    • जो कभी मरता न हो— अमर
    • जो सुना हुआ न हो— अश्रव्य
    • जिसको भेदा न जा सके— अभेद्य
    • जो साधा न जा सके— असाध्य
    • जो चीज इस संसार मेँ न हो— अलौकिक
    • जो बाह्य संसार के ज्ञान से अनभिज्ञ हो— अलोकज्ञ
    • जिसे लाँघा न जा सके— अलंघनीय
    • जिसकी तुलना न हो सके— अतुलनीय
    • जिसके आदि (प्रारम्भ) का पता न हो— अनादि

    • जिसकी सबसे पहले गणना की जाये— अग्रगण
    • सभी जातियोँ से सम्बन्ध रखने वाला— अन्तर्जातीय
    • जिसकी कोई उपमा न हो— अनुपम
    • जिसका वर्णन न हो सके— अवर्णनीय
    • जिसका खंडन न किया जा सके— अखंडनीय
    • जिसे जाना न जा सके— अज्ञेय
    • जो बहुत गहरा हो— अगाध
    • जिसका चिँतन न किया जा सके— अचिँत्य
    • जिसको काटा न जा सके— अकाट्य
    • जिसको त्यागा न जा सके— अत्याज्य
    • वास्तविक मूल्य से अधिक लिया जाने वाला मूल्य— अधिमूल्य
    • अन्य से संबंध न रखने वाला/किसी एक मेँ ही आस्था रखने वाला— अनन्य
    • जो बिना अन्तर के घटित हो— अनन्तर
    • जिसका कोई घर (निकेत) न हो— अनिकेत
    • कनिष्ठा (सबसे छोटी) और मध्यमा के बीच की उँगली— अनामिका
    • मूलकथा मेँ आने वाला प्रसंग, लघु कथा— अंतःकथा
    • जिसका निवारण न किया जा सके/जिसे करना आवश्यक हो— अनिवार्य
    • जिसका विरोध न हुआ हो या न हो सके— अनिरुद्ध/अविरोधी
    • जिसका किसी मेँ लगाव या प्रेम हो— अनुरक्त
    • जो अनुग्रह (कृपा) से युक्त हो— अनुगृहीत
    • जो किसी पर अभियोग लगाए— अभियोगी
    • जो भोजन रोगी के लिए निषिद्ध है— अपथ्य
    • जिस वस्त्र को पहना न गया हो— अप्रहत
    • न जोता गया खेत— अप्रहत
    • जो बिन माँगे मिल जाए— अयाचित
    • जो कम बोलता हो— अल्पभाषी/मितभाषी
    • आदेश की अवहेलना— अवज्ञा
    • जो बिना वेतन के कार्य करता हो— अवैतनिक
    • जो व्यक्ति विदेश मेँ रहता हो— अप्रवासी
    • जो सहनशील न हो— असहिष्णु
    • जिसका कभी अन्त न हो— अनन्त
    • जिसका दमन न किया जा सके— अदम्य
    • जिसका स्पर्श करना वर्जित हो— अस्पृश्य
    • जिसका विश्वास न किया जा सके— अविश्वस्त
    • जो कभी नष्ट न होने वाला हो— अनश्वर
    • जिस पर आक्रमण न किया गया हो— अनाक्रांत
    • जिसका उत्तर न दिया गया हो— अनुत्तरित
    • अनुकरण करने योग्य— अनुकरणीय
    • जो कभी न आया हो (भविष्य)— अनागत
    • जो श्रेष्ठ गुणोँ से युक्त न हो— अनार्य
    • जिसकी अपेक्षा हो— अपेक्षित
    • जो मापा न जा सके— अपरिमेय
    • नीचे की ओर लाना या खीँचना— अपकर्ष
    • जो सामने न हो— अप्रत्यक्ष/परोक्ष
    • जिसकी आशा न की गई हो— अप्रत्याशित
    • जो प्रमाण से सिद्ध न हो सके— अप्रमेय
    • किसी काम के बार–बार करने के अनुभव वाला— अभ्यस्त
    • किसी वस्तु को प्राप्त करने की तीव्र इच्छा— अभीप्सा
    • जो साहित्य कला आदि मेँ रस न ले— अरसिक
    • जिसको प्राप्त न किया जा सके
    • जो कम जानता हो— अल्पज्ञ
    • जो वध करने योग्य न हो— अवध्य
    • जो विधि या कानून के विरुद्ध हो— अवैध
    • जो भला–बुरा न समझता हो अथवा सोच–समझकर काम न करता हो— अविवेकी
    • जिसका विभाजन न किया जा सके— अविभाज्य/अभाज्य
    • जिसका विभाजन न किया गया हो— अविभक्त
    • जिस पर विचार न किया गया हो— अविचारित
    • जो कार्य अवश्य होने वाला हो— अवश्यंभावी
    • जिसको व्यवहार मेँ न लाया गया हो— अव्यवहृत
    • जो स्त्री सूर्य भी नहीँ देख पाती— असूर्यपश्या
    • न हो सकने वाला कार्य आदि— अशक्य
    • जो शोक करने योग्य नहीँ हो— अशोक्य
    • जो कहने, सुनने, देखने मेँ लज्जापूर्ण, घिनौना हो— अश्लील
    • जिस रोग का इलाज न किया जा सके— असाध्य रोग/लाइलाज
    • जिससे पार न पाई जा सके— अपार
    • बूढ़ा–सा दिखने वाला व्यक्ति— अधेड़
    • जिसका कोई मूल्य न हो— अमूल्य
    • जो मृत्यु के समीप हो— आसन्नमृत्यु
    • किसी बात पर बार–बार जोर देना— आग्रह
    • वह स्त्री जिसका पति परदेश से लौटा हो— आगतपतिका
    • जिसकी भुजाएँ घुटनोँ तक लम्बी होँ— आजानुबाहु
    • मृत्युपर्यन्त— आमरण
    • जो अपने ऊपर निर्भर हो— आत्मनिर्भर/स्वावलंबी
    • व्यर्थ का प्रदर्शन— आडम्बर
    • पूरे जीवन तक— आजीवन
    • अपनी हत्या स्वयं करना— आत्महत्या
    • अपनी प्रशंसा स्वयं करने वाला— आत्मश्लाघी
    • कोई ऐसी वस्तु बनाना जिसको पहले कोई न जानता हो— आविष्कार
    • ईश्वर मेँ विश्वास रखने वाला— आस्तिक
    • शीघ्र प्रसन्न होने वाला— आशुतोष
    • विदेश से देश मेँ माल मँगाना— आयात
    • सिर से पाँव तक— आपादमस्तक
    • प्रारम्भ से लेकर अंत तक— आद्योपान्त
    • अपनी हत्या स्वयं करने वाला— आत्मघाती
    • जो अतिथि का सत्कार करता है— आतिथेय/मेजबान
    • दूसरे के हित मेँ अपना जीवन त्याग देना— आत्मोत्सर्ग
    • जो बहुत क्रूर व्यवहार करता हो— आततायी
    • जिसका सम्बन्ध आत्मा से हो— आध्यात्मिक
    • जिस पर हमला किया गया हो— आक्रांत
    • जिसने हमला किया हो— आक्रांता
    • जिसे सूँघा न जा सके— आघ्रेय

    Also read:
    • जिसकी कोई आशा न की गई हो— आशातीत
    • जो कभी निराश होना न जाने— आशावादी
    • किसी नई चीज की खोज करने वाला— आविष्कारक
    • ऊपर की ओर जाने वाला— उर्ध्वगामी
    • नदी के निकलने का स्थान— उद्गम
    • किसी वस्तु के निर्माण मेँ सहायक साधन— उपकरण
    • जो उपासना के योग्य हो— उपास्य
    • मरने के बाद सम्पत्ति का मालिक— उत्तराधिकारी/वारिस
    • सूर्योदय की लालिमा— उषा
    • जिसका ऊपर कथन किया गया हो— उपर्युक्त
    • कुँए के पास का वह जल कुंड जिसमेँ पशु पानी पीते हैँ— उबारा
    • छोटी–बड़ी वस्तुओँ को उठा ले जाने वाला— उठाईगिरा
    • जिस भूमि मेँ कुछ भी पैदा न होता हो— ऊसर
    • सूर्यास्त के समय दिखने वाली लालिमा— ऊषा
    • विचारोँ का ऐसा प्रवाह जिससे कोई निष्कर्ष न निकले— ऊहापोह
    • कई जगह से मिलाकर इकट्ठा किया हुआ— एकीकृत
    • सांसारिक वस्तुओँ को प्राप्त करने की इच्छा— एषणा
    • वह स्थिति जो अंतिक निर्णायक हो, निश्चित— एकांतिक
    • जो व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर हो— ऐच्छिक
    • इंद्रियोँ को भ्रमित करने वाला— ऐँद्रजालिक
    • लकड़ी या पत्थर का बना पात्र जिसमेँ अन्न कूटा जाता है— ओखली
    • साँप–बिच्छू के जहर या भूत–प्रेत के भय को मंत्रोँ से झाड़ने वाला— ओझा
    • जो उपनिषदोँ से संबंधित हो— औपनिषदिक
    • जो मात्र शिष्टाचार, व्यावहारिकता के लिए हो— औपचारिक
    • विवाहिता पत्नी से उत्पन्न संतान— औरस
    • हड्डियोँ का ढाँचा— कंकाल
    • दो व्यक्तियोँ के बीच परस्पर होने वाली बातचीत— कथोपकथन
    • बर्तन बेचने वाला— कसेरा
    • जिसे अपने मत या विश्वास का अधिक आग्रह हो— कट्टर
    • जिसकी कल्पना न की जा सके— कल्पनातीत
    • ऐसा अन्न जो खाने योग्य न हो— कदन्न
    • हाथी का बच्चा— कलभ
    • कर्म मेँ तत्पर रहने वाला— कर्मठ
    • एक के बाद एक— क्रम
    • कान मेँ कही जाने वाली बात— कानाबाती/कानाफूसी
    • सरकार का वह अंग जो कानून का पालन करता है— कार्यपालिका
    • शृंगारिक वासनाओँ के प्रति आकर्षित— कामुक
    • जो दुःख या भय से पीड़ित हो— कातर
    • अपनी गलती स्वीकार करने वाला— कायल
    • दूसरे की हत्या करने वाला— कातिल
    • बाल्यावस्था और युवावस्था के बीच की अवस्था— किशोरावस्था
    • जो बात पूर्वकाल से लोगोँ मेँ सुनकर प्रचलित हो— किँवदन्ती/जनश्रुति
    • अपने काम के बारे मेँ कुछ निश्चय न करने वाला— किँकर्तव्यविमूढ़
    • वृक्ष लता आदि से ढका स्थान— कुञ्ज
    • जिस लड़के का विवाह न हुआ हो— कुमार
    • ऐसी लड़की जिसका विवाह न हुआ हो— कुमारी
    • बुरे कार्य करने वाला— कुकर्मी
    • बुरे मार्ग पर चलने वाला— कुमार्गी
    • जो गुण–दोष का विवेचन करता हो— आलोचक
    • जो जन्म लेते ही गिर या मर गया हो— आजन्मपात
    • वह कवि जो तत्काल कविता कर सके— आशुकवि
    • पवित्र आचरण वाला— आचारपूत
    • लेखक द्वारा स्वयं की लिखी गई जीवनी— आत्मकथा
    • वह चीज जिसकी चाह हो— इच्छित
    • किन्हीँ घटनाओँ का कालक्रम से किया गया वर्णन— इतिवृत्त
    • इस लोक से संबंधित— इहलौकिक
    • जो इन्द्र पर विजय प्राप्त कर चुका हो— इंद्रजीत
    • माँ–बाप का अकेला लड़का— इकलौता
    • जो इन्द्रियोँ से परे हो/जो इन्द्रियोँ के द्वारा ज्ञात न हो— इन्द्रियातीत
    • दूसरे की उन्नति से जलना— ईर्ष्या
    • उत्तर और पूर्व के बीच की दिशा— ईशान/ईशान्य
    • पर्वत की निचली समतल भूमि— उपत्यका
    • दूसरे के खाने से बची वस्तु— उच्छिष्ट
    • किसी भी नियम का पालन नहीँ करने वाला— उच्छृंखल
    • वह पर्वत जहाँ से सूर्य और चन्द्रमा उदित होते माने जाते हैँ— उदयाचल
    • जिसके ऊपर किसी का उपकार हो— उपकृत
    • ऐसी जमीन जो अच्छी उत्पादक हो— उर्वरा
    • जो छाती के बल चलता हो (साँप आदि)— उरग
    • जिसने अपना ऋण पूरा चुका दिया हो— उऋण
    • जिसका मन जगत से उचट गया हो— उदासीन
    • जिसकी दोनोँ मेँ निष्ठा हो— उभयनिष्ठ
    • जिसकी बुद्धि बहुत तेज हो— कुशाग्रबुद्धि
    • जो अच्छे कुल मेँ उत्पन्न हुआ हो— कुलीन
    • वह व्यक्ति जिसका ज्ञान अपने ही स्थान तक सीमित हो— कूपमंडूक
    • किए गए उपकार को मानने वाला— कृतज्ञ
    • किए गए उपकार को न मानने वाला— कृतघ्न
    • जो धन को अत्यधिक कंजूसी से खर्च करता हो— कृपण
    • जिसने संकल्प कर रखा है— कृतसंकल्प
    • जो केन्द्र से हटकर दूर जाता हो— केन्द्रापसारी
    • जो केन्द्र की ओर उन्मुख हो— केन्द्राभिसारी/केन्द्राभिमुख
    • सर्प के शरीर से निकली हुई खोली— केँचुली
    • जो क्षमा किया जा सके— क्षम्य
    • जिसका कुछ ही समय मेँ नाश हो जाए— क्षणभंगुर
    • जहाँ धरती और आकाश मिलते हुए दिखाई देते हैँ— क्षितिज
    • जो भूख मिटाने के लिए बेचैन हो— क्षुधातुर
    • भूख से पीड़ित— क्षुधार्त
    • वह स्त्री जिसका पति अन्य स्त्री के साथ रात को रहकर प्रातः लौटे— खंडिता
    • आकाशीय पिँडोँ का विवेचन करने वाला— खगोलशास्त्री
    • जो व्यक्ति अपने हाथ मेँ तलवार लिए रहता है— खड्गहस्त
    • नायक का प्रतिद्वन्द्वी— खलनायक
    • जहाँ से गंगा नदी का उद्गम होता है— गंगोत्री
    • शरीर का व्यापार करने वाली स्त्री— गणिका
    • जो आकाश को छू रहा हो— गगनस्पर्शी
    • पहले से चली आ रही परम्परा का अनुपालन करने वाला— गतानुगतिक
    • ग्रहण करने योग्य— ग्राह्य
    • गीत गाने वाला/वाली— गायक/गायिका
    • गीत रचने वाला— गीतकार
    • हर पदार्थ को अपनी ओर आकृष्ट करने वाली शक्ति— गुरुत्वाकर्षण
    • जो बात गूढ़ (रहस्यपूर्ण) हो— गूढ़ोक्ति
    • जीवन का द्वितीय आश्रम— गृहस्थाश्रम
    • गायोँ के खुरोँ से उड़ी धूल— गोधूलि
    • जब गायेँ जंगल से लौटती हैँ और उनके चलने की धूल आसमान मेँ उड़ती है (दिन और रात्रि के बीच का समय)— गोधूलि बेला
    • गायोँ के रहने का स्थान— गौशाला
    • घास खोदकर जीवन–निर्वाह करने वाला— घसियारा
    • शरीर की हानि करने वाला— घातक
    • जो घृणा का पात्र हो— घृणित/घृणास्पद
    • जिसके सिर पर चंद्रकला हो (शिव)— चंद्रचूड़/चंद्रशेखर
    • वह कृति जिसमेँ गद्य और पद्य दोनोँ होँ— चंपू
    • चक्र के रूप मेँ घूमती हुई चलने वाली हवा— चक्रवात
    • ब्याज का वह प्रकार जिसमेँ मूल ब्याज पर भी ब्याज लगता है— चक्रवृद्धि ब्याज
    • जिसके हाथ मेँ चक्र हो— चक्रपाणि
    • चार भुजाओँ वाला— चतुर्भुज
    • बर्तन बनाने वाला— ठठेरा
    • जनता को सूचना देने हेतु बजाया जाने वाला वाद्य— ढिँढोरा
    • जो किसी भी गुट मेँ न हो— तटस्थ/निर्गुट
    • हल्की नीँद— तन्द्रा
    • जो किसी कार्य या चिन्तन मेँ डूबा हो— तल्लीन
    • ऋषियोँ के तप करने की भूमि— तपोभूमि
    • उसी समय का— तत्कालीन
    • वह राजकीय धन जो किसानोँ की सहायता हेतु दिया जाता है— तक़ाबी
    • जिसमेँ बाण रखे जाते हैँ— तरकश/तूणीर
    • जो चोरी–छिपे माल लाता ले जाता हो— तस्कर
    • किसी को पद छोड़ने के लिए लिखा गया पत्र— त्यागपत्र
    • तर्क करने वाला व्यक्ति— तार्किक
    • दैहिक, दैविक और भौतिक सुख— तापत्रय
    • तैर कर पार जाने की इच्छा— तितीर्षा
    • ज्ञान मेँ प्रवेश का मार्गदर्शक— तीर्थँकर
    • वह व्यक्ति जो छुटकारा दिलाता है/रक्षा करता है— त्राता
    • दुखान्त नाटक— त्रासदी
    • भूत, वर्तमान और भविष्य को जानने/देखने वाला— त्रिकालज्ञ/त्रिकालदर्शी
    • गंगा, जमुना और सरस्वती नदी का संगम— त्रिवेणी
    • जिसके तीन आँखे हैँ— त्रिनेत्र
    • वह स्थान जो दोनोँ भृकुटिओँ के बीच होता है— त्रिकुटी
    • तीन महीने मेँ एक बार— त्रैमासिक
    • जो धरती पर निवास करता हो— थलचर
    • पति और पत्नी का जोड़ा— दंपती
    • दस वर्षोँ की समयावधि— दशक
    • गोद लिया हुआ पुत्र— दत्तक
    • संकुचित विचार रखने वाला— दक़ियानूस
    • धन जो विवाह के समय पुत्री के पिता से प्राप्त हो— दहेज
    • जंगल मेँ फैलने वाली आग— दावानल
    • दिन भर का कार्यक्रम— दिनचर्या

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    • बुरे भाव से की गई संधि— दुरभिसंधि
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    • जो बहुत समय तक ठहर सके— चिरस्थायी
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    • पेट की अग्नि— जठराग्नि
    • बारात ठहरने का स्थान— जनवासा
    • जो जल बरसाता हो— जलद
    • जो जल से उत्पन्न हो— जलज
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    • जनता द्वारा चलाया जाने वाला तंत्र— जनतंत्र
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    • जो चमत्कारी क्रियाओँ का प्रदर्शन करता हो— जादूगर
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    • जिसका आचरण बुरा हो— दुराचारी
    • दूध पर आधारित रहने वाला— दुग्धाहारी
    • जिसकी प्राप्ति कठिन हो— दुर्लभ
    • जिसका दमन करना कठिन हो— दुर्दमनीय
    • आगे की बात सोचने वाला व्यक्ति— दूरदर्शी
    • देश से द्रोह करने वाला— देशद्रोही
    • देह से सम्बन्धित— दैहिक
    • देव के द्वारा किया हुआ— दैविक
    • प्रतिदिन होने वाला— दैनिक
    • धन से सम्पन्न— धनी
    • जो धनुष को धारण करता हो— धनुर्धर
    • धन की इच्छा रखने वाला— धनेच्छु
    • गरीबोँ के लिए दान के रूप मेँ दिया जाने वाला अन्न–धन आदि— धर्मादा
    • जिसकी धर्म मेँ निष्ठा हो— धर्मनिष्ठा
    • किसी के पास रखी हुई दूसरे की वस्तु— धरोहर/थाती
    • मछली पकड़कर आजीविका चलाने वाला— धीवर
    • जो धीरज रखता हो— धीर
    • धुरी को धारण करने वाला अर्थात् आधारभूत कार्योँ मेँ प्रवीण— धुरंधर
    • अपने स्थान पर अटल रहने वाला— ध्रुव
    • ध्यान करने योग्य अथवा लक्ष्य— ध्येय
    • ध्यान करने वाला— ध्याता/ध्यानी
    • जिसका जन्म अभी–अभी हुआ हो— नवजात
    • गाय को दुहते समय बछड़े का गला बाँधने की रस्सी जो गाय के पैरोँ मेँ बाँधी जाती है— नवि
    • जो नया–नया आया है— नवागंतुक
    • जिसका उदय हाल ही मेँ हुआ है— नवोदित
    • जिसमेँ कोई कंटक/अड़चन न हो— निष्कंटक
    • जिसका अपना कोई शुल्क न हो— निःशुल्क
    • जिसके संतान न हो— निःसंतान
    • जिसका अपना कोई स्वार्थ न हो— निस्स्वार्थ
    • व्यापारिक वस्तुओँ को किसी दूसरे देश मेँ भेजने का कार्य— निर्यात
    • जिसको देश से निकाल दिया गया हो— निर्वासित
    • बिना किसी बाधा के— निर्बाध
    • जो ममत्व से रहित हो— निर्मम
    • जिसकी किसी से उपमा/तुलना न दी जा सके— निरुपम
    • जो निर्णय करने वाला हो— निर्णायक
    • जिसे किसी चीज की लालसा न हो— निष्काम
    • जिसमेँ किसी बात का विवाद न हो— निर्विवाद
    • जो निन्दा करने योग्य हो— निन्दनीय
    • जिसमेँ किसी प्रकार का विकार उत्पन्न न हो— निर्विकार
    • जो लज्जा से रहित हो— निर्लज्ज
    • जिसको भय न हो— निर्भय
    • जो नीति जानता हो— नीतिज्ञ
    • रंगमंच पर पर्दे के पीछे का स्थान— नेपथ्य
    • आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत करने वाला— नैष्ठिक
    • जो नीति के अनुकूल हो— नैतिक
    • जो न्यायशास्त्र की बात जानता हो— नैयायिक
    • घृत, दुग्ध, दधि, शहद व शक्कर से बनने वाला पदार्थ— पंचामृत
    • पक्षपात करने वाला— पक्षपाती
    • पदार्थ का सबसे छोटा कण— परमाणु
    • जितने की आवश्यकता हो उतना— पर्याप्त
    • महीने के दो पक्षोँ मेँ से एक— पखवाड़ा
    • नाटक का पर्दा गिरना— पटाक्षेप/यवनिकापतन
    • अपनी गलती के लिए किया हुआ दुःख— पश्चाताप
    • केवल अपने पति मेँ अनुराग रखने वाली स्त्री— पतिव्रता
    • पति को चुनने की इच्छा वाली कन्या— पतिम्वरा
    • जो सोया हुआ हो— सुषुप्त
    • सधवा रहने की दशा या अवस्था— सुहाग
    • पसीने से उत्पन्न जीव (जैसे जूँ आदि)— स्वेदज
    • किसी संस्था या व्यक्ति के पचास वर्ष पूरे करने के उपलक्ष्य मेँ होने वाला उत्सव— स्वर्ण जयंती
    • स्त्री के स्वभाव जैसा— स्त्रैण
    • यज्ञ–स्थान पर स्थापित किया जाने वाला खंभा— यूप
    • रात को कुछ भी दिखाई नहीँ देने वाला रोग— रतौँधी
    • किसानोँ से भूमि कर लेने वाला सरकारी विभाग— राजस्व विभाग
    • राज्य द्वारा आधिकारिक रूप से प्रकाशित होने वाला पत्र— राजपत्र(गजट)
    • जिसके नीचे रेखाएँ लगाई गई होँ— रेखांकित
    • प्रेम, आनन्द, भय आदि से रोँगटे खड़े होने की दशा— रोमांच
    • प्रसन्नता से जिसके रोँगटे खड़े हो गए होँ— रोमांचित
    • जो लकड़ी काटकर जीवन बिताता हो— लकड़हारा
    • जिसका वंश लुप्त हो गया हो— लुप्तवंश
    • लोभी स्वभाव वाला— लुब्ध/लोभी
    • जिसे देखकर रोँगटे खड़े होँ जाएँ— लोमहर्षक
    • वंश परम्परा के अनुसार— वंशानुगत
    • जिसके हाथ मेँ वज्र हो— वज्रपाणि
    • बहुत ही कठोर और बड़ा आघात— वज्राघात
    • बचपन और यौवन के मध्य की उम्र— वयसंधि
    • जिसका वर्णन न किया जा सके— वर्णनातीत
    • अधिक बोलने वाला— वाचाल
    • सन्तान के प्रति प्रेम— वात्सल्य
    • मुकदमा दायर करने वाला— वादी
    • भाषण देने मेँ चतुर— वाग्मी
    • जिसका वाणी पर पूर्ण अधिकार हो— वाचस्पति
    • सामाजिक मानमर्यादा के विपरीत कार्य करने वाला— वामाचारी
    • गृह–निर्माण संबंधी विज्ञान— वास्तुविज्ञान
    • बाहर के तापमान का असर रोकने हेतु की जाने वाली व्यवस्था— वातानुकूलन
    • वह कन्या जिसके विवाह करने का वचन दे दिया गया हो— वाग्दता
    • जिसमेँ विष मिला हुआ हो— विषाक्त
    • जिस पर विश्वास किया जा सके— विश्वस्त
    • जिस विषय मेँ निश्चित मत न हो— विवादास्पद
    • जिसकी पत्नी मर चुकी हो— विधुर
    • स्त्री जिसका पति मर गया हो— विधवा
    • सौतेली माँ— विमाता
    • गतिहीन रहने वाला— स्थावर
    • जिसको सिद्ध करने के लिए अन्य प्रमाणोँ की जरूरत न हो— स्वयंसिद्ध/स्वतः प्रमाण
    • अपनी ही इच्छानुसार पति का वरण करने वाली— स्वयंवरा
    • जो स्वयं भोजन बनाकर खाता हो— स्वयंपाकी
    • जो अपने ही अधीन हो— स्वाधीन
    • जो अपना ही हित सोचता हो— स्वार्थी
    • उपाय/मार्ग बताने वाला— पथ-प्रदर्शक/मार्गदर्शक
    • अपने मार्ग से च्युत/भटका हुआ— पथभ्रष्ट
    • अपने पद से हटाया हुआ— पदच्युत
    • जो भोजन रोगी के लिए उचित है— पथ्य
    • घूमने–फिरने/देश–देशान्तर भ्रमण करने वाला यात्री— पर्यटक
    • केवल दूध पर निर्भर रहने वाला— पयोहारी
    • दूसरोँ पर निर्भर रहने वाला— पराश्रित/पराश्रयी
    • परपुरुष से प्रेम करने वाली स्त्री— परकीया
    • पति द्वारा छोड़ दी गई पत्नी— परित्यका
    • दूसरे का मुँह ताकने वाला— परमुखापेक्षी
    • जो पहनने लायक हो— परिधेय
    • जो मापा जा सके— परिमेय
    • जो सदा बदलता रहे— परिवर्तनशील
    • जो आँखोँ के सामने न हो— परोक्ष/अप्रत्यक्ष
    • दूसरे पर उपकार करने वाला— परोपकारी/परमार्थी
    • जो पूरी तरह से पक चुका हो/पारंगत हो चुका हो— परिपक्व
    • पर्दे के अंदर रहने वाली— पर्दानशीन
    • प्रशंसा करने योग्य— प्रशंसनीय
    • किसी प्रश्न का तत्काल उत्तर दे सकने वाली मति— प्रत्युत्पन्नमति
    • किसी वाद का विरोध करने वाला— प्रतिवादी
    • शरणागत की रक्षा करने वाला— प्रणतपाल
    • वह ध्वनि जो कहीँ से टकराकर आए— प्रतिध्वनि
    • जो किसी मत को सर्वप्रथम चलाता है— प्रवर्तक
    • वह स्त्री जिसके हाल ही मेँ शिशु उत्पन्न हुआ हो— प्रसूता
    • वह आकृति जो किसी शीशे, जल आदि मेँ दिखाई दे— प्रतिबिम्ब
    • हास्य रस से परिपूर्ण नाटिका— प्रहसन
    • प्रमाण द्वारा सिद्ध करने योग्य— प्रमेय
    • संध्या के बाद व रात्रि होने के पूर्व का समय— प्रदोष/पूर्वरात्र
    • ज्ञान नेत्र से देखने वाला अंधा व्यक्ति— प्रज्ञाचक्षु
    • सभा मेँ विचारार्थ प्रस्तुत बात— प्रस्ताव
    • हाथ से लिखी गई पुस्तक— पाण्डुलिपि
    • किसी परिश्रम के बदले मिलने वाली राशि— पारिश्रमिक
    • जिसका स्वभाव पशुओँ के समान हो— पाशविक
    • महीने के प्रत्येक पक्ष से संबंधित— पाक्षिक
    • किसी विषय का पूर्ण ज्ञाता— पारंगत
    • जिसमेँ से आर–पार देखा जा सकता हो— पारदर्शी
    • जो परलोक से संबंधित हो— पारलौकिक
    • मार्ग मेँ खाने के लिए भोजन— पाथेय
    • जिसका संबंध पृथ्वी से हो— पार्थिव
    • ज्ञात इतिहास के पूर्व समय का— प्रागैतिहासिक
    • स्थल का वह भाग जिसके तीन ओर पानी हो— प्रायद्वीप
    • जिसको देखकर अच्छा लगे— प्रियदर्शी
    • पीने की इच्छा रखने वाला— पिपासु
    • बार–बार कही गई बात— पुनरुक्ति
    • जिसका पुनः जन्म हुआ हो— पुनर्जन्म
    • पहले किया गया कथन— पूर्वोक्त

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    • दोपहर से पहले का समय— पूर्वाह्न
    • प्राचीन इतिहास का ज्ञाता— पुरातत्त्ववेत्ता
    • पीने योग्य पदार्थ— पेय
    • जो आकाश मेँ विचरण करता है— नभचर
    • सम्मान मेँ दी जाने वाली भेँट— नजराना
    • जिस स्त्री का विवाह अभी हुआ हो— नवोढ़ा
    • ईश्वर मेँ विश्वास न रखने वाला— नास्तिक
    • पुराना घाव जो रिसता रहता हो— नासूर
    • जो नष्ट होने वाला हो— नाशवान/नश्वर
    • नरक के योग्य— नारकीय
    • वह स्थान या दुकान जहाँ हजामत बनाई जाती है— नापितशाला
    • किसी से भी न डरने वाला— निडर/निर्भीक
    • जो कपट से रहित है— निष्कपट
    • जो पढ़ना–लिखना न जानता हो— निरक्षर
    • जिसका कोई अर्थ न हो— निरर्थक
    • जिसे कोई इच्छा न हो— निस्पृह
    • रात मेँ विचरण करने वाला— निशाचर
    • जिसका आकार न हो— निराकार
    • केवल शाक, फल एवं फूल खाने वाला या जो मांस न खाता हो— निरामिष
    • जिससे किसी प्रकार की हानि न हो— निरापद
    • जिसके अवयव न हो— निरवयव
    • बिना भोजन (आहार) के— निराहार
    • जो यह मानता है कि संसार मेँ कुछ भी अच्छा होने की आशा नहीँ है— निराशावादी
    • जो उत्तर न दे सके— निरुत्तर
    • जिसके कोई दाग/कलंक न हो— निष्कलंक
    • पिता एवं प्रपिताओँ से संबंधित— पैतृक
    • जो सम्पत्ति पिता से प्राप्त हो— पैतृक सम्पत्ति
    • फटे–पुराने कपड़े पहनने वाला— फटीचर
    • केवल फलोँ पर निर्वाह करने वाला— फलाहारी
    • फल की इच्छा रखने वाला— फलेच्छु

    • बुरी किस्मत वाला— बदकिस्मत
    • बुरे मिजाज (आचरण) वाला— बदमिजाज
    • सूर्योदय से पहले दो घड़ी तक का समय— ब्रह्ममुहूर्त
    • जीवन का प्रथम आश्रम— ब्रह्मचर्याश्रम
    • बहुत विषयोँ का जानकार— बहुज्ञ
    • जिसने सुनकर अनेक विषयोँ का ज्ञान प्राप्त किया हो— बहुश्रुत
    • समुद्र मेँ लगने वाली आग— बड़वानल
    • जो अनेक रूप धारण करता हो— बहुरूपिया
    • बहुत से देवताओँ के अस्तित्व मेँ विश्वास करने वाला मत— बहुदेववाद
    • काफी अधिक कीमत का— बहुमूल्य
    • अनेक भाषाओँ को जानने वाला— बहुभाषाविद्
    • रात का भोजन— ब्यालू/रात्रिभोज
    • जिस स्त्री के कोई संतान नहीँ हुई हो— बाँझ
    • खाने का इच्छुक— बुबुक्षु
    • किसी भवनादि के खंडित होने के बाद बचे भाग— भग्नावशेष
    • भय के कारण बेचैन— भयाकुल
    • भाग्य पर भरोसा रखने वाला— भाग्यवादी
    • जो भाग्य का धनी हो— भाग्यवान
    • दीवारोँ पर बने हुए चित्र— भित्तिचित्र
    • जो पृथ्वी के भीतर का ज्ञान रखता हो— भूगर्भवेता
    • धरती पर चलने वाला जन्तु— भूचर
    • जो पहले था या हुआ— भूतपूर्व
    • धरती को धारण करने वाला पर्वत— भूधर
    • औषधियोँ का जानकार— भेषज
    • प्रातःकाल गाया जाने वाला राग— भैरवी
    • सूर्योदय के पहले का समय— भोर
    • भूगोल से संबंधित— भौगोलिक
    • फूलोँ का रस— मकरंद
    • दोपहर का समय— मध्याह्न
    • सर्दी मेँ होने वाली वर्षा— महावट/मावठ
    • हाथी को हाँकने वाला— महावत
    • सुख एवं दुःख मेँ एक समान रहने वाला— मनस्वी
    • जिसकी आँखेँ मगर जैसी हो— मकराक्ष
    • किसी मत का अनुसरण करने वाला— मतानुयायी
    • दो पक्षोँ के बीच मेँ पड़कर फैसला कराने वाला— मखत्राता/यज्ञरक्षक
    • जो बहुत ऊँची अकांक्षा/इच्छा रखता हो— महत्वाकांक्षी
    • जिसकी बुद्धि कमजोर है— मन्दबुद्धि/मतिमान्द्य
    • जिसकी आत्मा महान हो— महात्मा
    • किसी चीज के मर्म का ज्ञाता— मर्मज्ञ
    • मध्यरात्रि का समय— मध्यरात्र
    • मन का असीम दुःख— मनस्ताप
    • जहाँ केवल रेत ही रेत हो— मरुस्थल
    • माँस आदि खाने वाला— माँसाहारी
    • माह मेँ होने वाला— मासिक
    • माता की हत्या करने वाला— मातृहंता
    • कम खाने वाला— मिताहारी
    • कम खर्च करने वाला— मितव्ययी
    • जो असत्य बोलता हो— मिथ्यावादी
    • जिस स्त्री की आँखेँ मछली के समान होँ— मीनाक्षी
    • थोड़ा खिला हुआ फूल— मुकुल
    • शुभ कार्य हेतु निकाला गया समय— मुहूर्त
    • दिल खोलकर कहना— मुक्तकंठ
    • मुद्रा का अधिक चलन/प्रसार— मुद्रास्फीति
    • मरणासन्न अवस्थावाला/शक्ति के अनुसार— मुमूषु
    • मरने की इच्छा— मुमूर्षा
    • मोक्ष की इच्छा रखने वाला— मुमुक्षु
    • चुपचाप देखने वाला— मूकदर्शक
    • हरिण के नेत्रोँ जैसी आँखोँ वाली— मृगनयनी
    • जो मीठी वाणी बोलता हो— मृदुभाषी
    • जिसने मृत्यु को जीत लिया हो— मृत्युंजय
    • कमल की डंडी— मृणाल
    • जो रचना किसी व्यक्ति की अपनी स्वयं की हो एवं नई हो— मौलिक
    • जुड़वाँ भाई या बहन— यमल/यमला
    • रंगमंच का परदा— यवनिका
    • शक्ति के अनुसार करना— यथाशक्ति
    • जैसा चाहिए, उचित हो वैसा— यथोचित
    • जो यंत्र से संबंधित हो— यांत्रिक
    • जब तक जीवन रहे— यावज्जीवन/जीवनपर्यँत
    • घूम–घूमकर जीवन बिताने वाला— यायावर
    • समाज को नई दिशा देकर नए युग की शुरुआत करने वाला— युगप्रवर्तक
    • अपने युग का ज्ञान रखने वाला— युगद्रष्टा
    • जो दूसरी जाति का हो— विजातीय
    • जिस पर अभी विचार चल रहा हो— विचाराधीन
    • वह स्त्री जो पढ़ी–लिखी व ज्ञानी हो— विदुषी
    • अपना हित–अहित सोचने मेँ समर्थ— विवेकी
    • अपनी जगह से अलग किया हुआ— विस्थापित
    • जिसके अंदर कोई विकार आ गया हो— विकृत
    • जो अपने धर्म के विरुद्ध कार्य करने वाला हो— विधर्मी
    • जो विधि/कानून के अनुसार सही हो— विधिवत्/वैध
    • किसी विषय का विशेष ज्ञान रखने वाला— विशेषज्ञ
    • विनाश करने वाला— विध्वंसक
    • जिसके शरीर के भाग मेँ कमी हो— विकलांग
    • जिसे व्याकरण का पूरा ज्ञान हो— वैयाकरण
    • सौ वर्षोँ का समूह— शताब्दी
    • जो शरण मेँ आ गया हो— शरणागत
    • शरण की इच्छा रखने वाला— शरणार्थी
    • हाथ मेँ पकड़कर चलाया जाने वाला हथियार जैसे तलवार— शस्त्र
    • सौ वस्तुओँ का संग्रह— शतक
    • जो सौ बातेँ एक साथ याद रख सकता है— शतावधानी
    • जिसके स्मरण मात्र से ही शत्रु का नाश हो/शत्रु का नाश करने वाला— शत्रुघ्न
    • जिसका कोई आदि और अंत न हो— शाश्वत
    • शाक, फल और फूल खाने वाला— शाकाहारी/निरामिष
    • जिस शब्द के दो अर्थ होँ— शिलष्ट
    • शिव का आलय (स्थान)— शिवालय

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    • शुभ चाहने वाला— शुभेच्छु/शुभाकांक्षी
    • अनुसंधान के लिए दिया जाने वाला अनुदान— शोधवृत्ति
    • जो सुनने योग्य हो— श्रव्य/श्रवणीय
    • जिसमेँ श्रद्धा भावना हो— श्रद्धालु
    • पति/पत्नी का पिता— श्वसुर
    • पति/पत्नी की माता— श्वश्रू (सास)
    • पति/पत्नी का भाई— श्वशुर्य (साला)
    • जिसके छह कोण होँ— षट्कोण
    • जिसके छह पद होँ (भौँरा)— षट्पद
    • छह–छह माह मेँ होने वाला— षण्मासिक
    • सोलह वर्ष की अवस्था वाली स्त्री— षोडशी
    • दो नदियोँ के मिलने का स्थान— संगम
    • इन्द्रियोँ को वश मेँ रखने वाला— संयमी
    • जो समाचार भेजता है— संवाददाता
    • एक ही माँ से उत्पन्न भाई/बहन— सहोदर/सहोदरा
    • सात सौ दोहोँ का समूह— सतसई
    • जो गुण–दोषोँ का विवेचन करता हो— समालोचक
    • सब कुछ जानने वाला— सर्वज्ञ
    • जो समान आयु का हो— समवयस्क
    • जो सभी को समान दृष्टि से देखता हो— समदर्शी
    • साहित्यिक गुण–दोषोँ की विवेचना करने वाला— समीक्षक
    • वह स्त्री जिसका पति जीवित हो— सधवा
    • जो सदा से चला आ रहा हो— सनातन
    • अन्य लोगोँ के साथ गाया जाने वाला गीत— सहगान
    • उसी समय मेँ होने वाला/रहने वाला— समकालीन
    • साथ पढ़ने वाला— सहपाठी
    • जो दूसरोँ की बात सहन कर सकता हो— सहिष्णु
    • छूत या संसर्ग से फैलने वाला रोग— संक्रामक
    • जो एक ही जाति के होँ— सजातीय
    • गीतोँ की धुन बनाने वाला— संगीतकार
    • रस पूर्ण— सरस
    • साथ काम करने वाला— सहकर्मी
    • सबको प्रिय लगने वाला— सर्वप्रिय
    • सद् आचरण रखने वाला— सदाचारी
    • ज्ञान देने वाली देवी— सरस्वती
    • जो अपनी पत्नी के साथ हो— सपत्नीक
    • सत्य के लिए आग्रह— सत्याग्रह
    • शर्तोँ के साथ काम करने का समझौता— संविदा
    • जो सत्य बोलता हो— सत्यवादी/सत्यभाषी
    • संहार करने वाला/मारने वाला— संहारक
    • जिसका चरित्र अच्छा हो— सच्चरित्र
    • न बहुत ठण्डा न बहुत गर्म— समशीतोष्ण
    • जो सब कुछ खाता हो— सर्वभक्षी
    • सब कुछ पाने वाला— सर्वलब्ध
    • जो समस्त देशोँ/स्थानोँ से संबंधित हो— सार्वभौमिक
    • रथ हाँकने वाला— सारथि
    • जो पढ़ना–लिखना जानता है— साक्षर
    • सप्ताह मेँ एक बार होने वाला— साप्ताहिक
    • सभी लोगोँ के लिए— सार्वजनिक
    • आकार से युक्त (मूर्तिमान)— साकार
    • जो सब जगह विद्यमान हो— सर्वव्यापी
    • जिसकी ग्रीवा सुंदर हो— सुग्री
    • सौ वस्तुओँ का संग्रह— सैँकड़ा/शतक
    • हमला करने वाला— हमलावर
    • सेना का वह भाग जो सबसे आगे हो— हरावल
    • हवन से संबंधित सामग्री— हवि
    • ऐसा बयान जो शपथ सहित दिया गया हो— हलफनामा
    • दूसरे के काम मेँ दखल देना— हस्तक्षेप
    • ऐसा दुःख जो हृदय को चीर डाले— हृदय विदारक
    • हृदय से संबंधित— हार्दिक
    • जिस पर हँसी आती हो/जो हँसी का पात्र हो— हास्यास्पद
    • किसी संस्था या व्यक्ति के साठ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य मेँ होने वाला उत्सव— हीरक जयंती
    • जो बात हृदय मेँ अच्छी तरह बैठ गई हो— हृदयंगम
    • दूसरोँ का हित चाहने वाला— हितैषी
    • न टलने वाली घटना/अवश्यंभावी घटना/भाग्याधीन— होनहार
    • यज्ञ मेँ आहुति देने वाला— होमाग्नि
       विभिन्न प्रकार की इच्छाएँ:
    • किसी वस्तु को प्राप्त करने की तीव्र इच्छा— अभीप्सा
    • सांसारिक वस्तुओँ को प्राप्त करने की इच्छा— एषणा
    • कार्य करने की इच्छा— चिकीर्षा
    • जानने की इच्छा— जिज्ञासा
    • जीतने, दमन करने की इच्छा— जिगीषा
    • किसी को जीत लेने की इच्छा रखने वाला— जिगीषु
    • किसी को मारने की इच्छा— जिघांसा
    • भोजन करने की इच्छा— जिघत्सा
    • ग्रहण करने, पकड़ने की इच्छा— जिघृक्षा
    • जिँदा रहने की इच्छा— जिजीविषा
    • ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा— ज्ञानपिपासा
    • तैर कर पार जाने की इच्छा— तितीर्षा
    • धन की इच्छा रखने वाला— धनेच्छु
    • पीने की इच्छा रखने वाला— पिपासु
    • फल की इच्छा रखने वाला— फलेच्छु
    • खाने की इच्छा— बुभुक्षा
    • खाने का इच्छुक— बुभुक्षु
    • जो अत्यधिक भूखा हो— बुभुक्षित
    • मोक्ष की इच्छा रखने वाला— मुमुक्षु
    • मरने की इच्छा— मुमुर्षा
    • मरणासन्न अवस्था वाला/मरने को इच्छुक— मुमूर्षू
    • युद्ध की इच्छा रखने वाला— युयुत्सु
    • युद्ध करने की इच्छा— युयुत्सा
    • शुभ चाहने वाला— शुभेच्छु
    • हित चाहने वाला— हितैषी

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