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    उत्तर प्रदेश एक नजर में - All information about uttar pradesh

    उत्तर प्रदेश एक नजर में - All information about uttar pradesh

    भौगोलिक स्थिति

    उत्तराखंड के गठन के पूर्व इसकी सीमाएं चीन के तिब्बत क्षेत्र से भी जुड़ी थी। प्राकृतिक रूप् से उत्तर प्रदेश के उत्तर में हिमालय की शिवालिक श्रेणियां, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण में यमुना नदी तथा विंध्य श्रेणियां और पूर्व में गंडक नदी है। अवस्थिति भूगर्भिक दृष्टि से उ.प्र. प्राचीनतम गोंडवाना लैंड का भूभाग है। उ.प्र. के दक्षिण भाग में स्थित पठारी भाग प्रायद्वीपीय भाग का ही अंग है जिसका निर्माण विंध्य क्रम की शैलों द्वारा प्री-कैम्ब्रियन युग में हुआ है। उ.प्र. के उत्तरी भाग पर स्थित शिवालिक श्रेणी के दक्षिण में गंगा, यमुना व अन्य सहायक नदियों का विस्तृत मैदान है। इसका निर्माण प्लाइस्टोसीन काल में अवसादीकरण से हुआ है। उ.प्र. का अक्षांशीय विस्तार 23डीग्री 52 उत्तर से 30॰24 उत्तरी अक्षांश के मध्य है। कुल अक्षांशीय विस्तार 6॰32 है। उ.प्र. का देशांतरीय विस्तार 7 05 पूर्व से 84 38 पूर्वी देशांतर के मध्य है।
    Note about uttar pradesh
    Map of Uttar Pradesh
    प्रदेश का कुल देशांतरीय विस्तार 7 33 है। उ.प्र. की सीमाएं केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली सहित कुल 9 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश से लगी हुई है। उ.प्र. की सीमा को स्पर्श करने वाले राज्य है- हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार एवं उत्तराखंड। उ.प्र. की सीमा को स्पर्श करने वाला एकमात्र केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली है। इसकी सीमाएं उ.प्र. के गाजियाबाद एवं गौतमबुद्ध नगर से लगी हुई हैं। प्रदेश की पूर्वी सीमा बिहार एवं झारखंड से लगी हुई है।
    प्रदेश की उत्तरी सीमा नेपाल के अतिरिक्त उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश से लगी हुई है। उ.प्र. की पश्चिमी सीमा हरियाणा, राजस्थान तथा केंद्र शासित प्रदेश सीमा मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ को स्पर्श करती है। उ.प्र. की सबसे लंबी सीमा मध्य प्रदेश से स्पर्श करती है। उ.प्र. की न्युनतम सीमा रेखा से स्पर्श करने वाला राज्य हिमाचल प्रदेश है। उ.प्र. का एकमात्र जिला सहारनपुर है जिसकी सीमा हिमाचल प्रदेश से लगती हैै इसके अतिरिक्त इस जिले की सीमा हरियाणा एवं उत्तराखंड से भी लगी है। उ.प्र. के सर्वाधिक जिलों को स्पर्श करने वाला राज्य मध्य प्रदेश है। सर्वाधिक प्रदेशों को स्पर्श करने वाला उ.प्र. का एक मात्र जिला सोनभद्र है। यह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ ,झारखंड एवं बिहार को स्पर्श करता है। उ.प्र. की सीमा को स्पर्श करने वाला एकमात्र विदेशी राष्ट्र नेपाल है। उ.प्र. के कुशीनग, महराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रीवास्तव बहराइच, खीरी एवं पीलीभीत जिलों की सीमा नेपाल को स्पर्श करती है। उ.प्र. का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किमी. है जो भारत के कुल क्षेत्रफल (32,87,263 वर्ग किमी.) के लगभग 7.33प्रतिशत के बराबर है।


    पूर्व से पश्चिम तक इसकी लंबाई 650 किमी. तथा उत्तर से दक्षिण तक चैड़ाई 240 किमी. है। क्षेत्रफल की दृष्टि से उ.प्र. का भारत में पांचवां स्थान है। उ.प्र. से अधिक क्षेत्रफल वाले राज्य है- राजस्थान, मध्य प्रदेश महाराष्ट्र एवं आंध्र प्रदेश। उ.प्र. का वर्तामान भौगोलिक स्वरूप 9 नवंबर,2000 को अस्तित्व में आया है। 9 नवंबर,2000 केा उ.प्र. के 13 पर्वतीय जिलों को काटकर उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) राज्य का निर्माण किया गया है। भौतिक विभाग उत्तराखंड के गठन से पूर्व राज्य के तीन भूभाग थे पर्वतीय क्षेत्र, मेदानी क्षेत्र और दक्षिण का पठारी क्षेत्र। परंतु उत्तराखंड के गठन के बाद पूरा पर्वतीय क्षेत्र, उत्तर प्रदेश से अलग हो गया है और अब इस पर्वतीय क्षेत्र से लगा हुआ भाबर-तराई क्षेत्र ही बचा हुआ है। उ.प्र. को वर्तामान में मुख्यतः तीन प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजित किया गया है- (1) भाबर एवं तराई का प्रदेश (2) गंगा यमुना का मैदान एवं (3) दक्षिण पठारी प्रदेश। पश्चिम में सहारनपुर से लेकर पूर्व में देवरिया एवं कुशीनगर (पडरौना ) तक एक पतली सी पट्टी भाबर और तराई कहालाती है।

    भाबर क्षेत्र वह पर्वतीय भूभाग है जो कंकड़-पत्थरों से निर्मित है। इसका विस्तार उ.प्र. के बिजनौर, सहारनपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर एवं लखीमपुर खीरी जिलों में है। पश्चिम में यह क्षेत्र 34 किमी. चैड़ है परंतु पूर्व की ओर बढ़ने के साथ यह संकरा होता जाता है। तराई क्षेत्र, भाबर के दक्षिण में दलदली एवं गाद मिट्टी वाला क्षेत्र है जो महीन अवसादों से निर्मित है। जंगली और ऊंची घनी घासों से ढका हुआ तराई क्षेत्र कभी 80 से 90 किमी. तक चैड़ा था तथा इसके अंतर्गत सहारनपुर, बिजनौर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर जिलों के भाग आते थे। इधर कुछ वर्षों से भूमि सुधार कार्यों के कारण इसकी चैड़ाई काफी कम हो गई है जिससे इसका काफी भाग उपजाऊ भूमि के रूप में किसानों को प्राप्त हो गया है। अब यहां गन्ना , गेहूं, और धान की फसलों रिकाॅर्ड पैदावार दे रही है। अनेक जगहों पर जूट की भी अच्छी खेती हो रही है।
    प्रदेश के ऊंचाई वाले भागों में मिलने वाली प्राचीनतम जलोढ़ मिट्टी को राढ़ (त्ंती) के नाम से जाना जाता हे। भाबर और तराई के बाद प्रदेश का पूरा मैदानी क्षेत्र नदियों से लाई गई उपजाऊ मिट्टी से बना है। यमुना पार, आगरा और मथुरा जिलों के उन भूभागों के अतिरिक्त जहां अरावली पहाड़ियों के पूर्वी छोर पर अनेक खार और लाल पत्थरों वाली पहाड़ियां मिलती हैं, समग्र भूभाग समतल है। गंगा -यमुना के विस्तृत मैदानी प्रदेश को तीन उप-विभागों में बांटा गया है- 1 गंगा-यमुना का ऊपरी मैदान 2 गंगा का मध्य मैदानी प्रदेश 3 गंगा का पूर्वी मैदान गंगा-यमुना के ऊपरी मैदान का विस्तार लगभग 500 किमी. लंबी एवं 80 किमी. चैड़ी पट्टी के रूप में विस्तृत है। गंगा-यमुना मे मध्य मैदानी प्रदेश का विस्तार उ.प्र. के सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, अलिगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा, मैनपुरी, एटा, बदायूं, मुरादाबाद तथा बरेली जिलों में मिलता है। (नवसृजित 3 जिलों-प्रबुद्ध नगर, पंचशील नगर एवं भीमनगर में थी)। गंगा के पूर्वी मैदान का विस्तार उ.प्र. के वराणसी, जौनपुर एवं संत रविदास नगर में है। गंगा-यमुना के मैदान का निर्माण काॅप मिट्टी से हुआ है। गंगा-यमुना के विस्तृत मैदानी प्रदेश की समुद्र तल से औसत ऊंचाई 300 मी. है। इस विस्तृत मैदान प्रदेश का निर्माण अभिनूतन एवं अतिनूतन युग में नदी घाटी में अवसादीकरण से हुआ है। इस विस्तृत मैदानी प्रदेश का ढाल पश्चिमांचल में उत्तर से दक्षिण की ओर तथा पूर्वांचल में पश्चिमोत्तर से दक्षिण-पूर्व की ओर है । उ.प्र. में दक्षिण पठारी प्रदेश का कुल क्षेत्रफल 45200 वग्र किमी. है। दक्षिण पठारी प्रदेश के अंतर्गत बुंदेलखंड एवं बंधेलखंड के भू-भाग सम्मिलित है। यह क्षेत्र दक्कन के पठार का ही प्रसरण है तथा इस भूभाग की उत्तरी सीमा यमुना तथा गंगा नदी द्वारा निर्धारित है।

    उत्तर प्रदेश की मिट्टी संक्षिप्त विवरण

    उत्तर प्रदेश की मिट्टी को दो प्रमुखत: वर्गों में बांटा जा सकता है |
    1) कांप मिट्टी 
    2) मिश्रित लाल और काली मिट्टी
    1) कांप मिट्टी   :  सिन्धु गंगा के मैदान में यह मिट्टी दो प्रकार में पायी जाती है, पुरानी - कांप मिट्टी "बांगर" एवं  नई कांप मिट्टी  "खादर" |
    इन मिट्टी ओं को निन्मलिखित विभागों में बाटा जा सकता है  -
    अ) पश्चिम क्षेत्र - यह मिट्टी छिछली है, इसमें कंकड़, पत्थर बड़ी मात्रा में पाये जाते है  और सामान्यत: यह मिट्टी अम्लीय है | इसके अंन्तर्गत सहारनपूर, मुजप्फर नगर, मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली और पीलीभीत जिले आते है |
    ब) केंद्रीय क्षेत्र -  यह मिट्टी बलुई-चिकनी है तथा इसमे अम्ल भी होता है |  इसके अंन्तर्गत खाीरी, सीतापूर, लखनऊ, बाराबंकी, जौनपुर, आजमगढ़ तथा कानपूर जिले आते है |
    क) पूर्वी क्षेत्र  - जल-प्लावित नदी के किनारे पर पाई जाने वाली मिट्टी को ढूह कहते है | मांट मिट्टी स्थानिक नाम है | मांट मिट्टी चिकनी बुलई होती है और उसमे चूना अधिक होता है | इसकी जल-धारण शक्ती अधिक होती है |
    2) मिश्रित लाल और काली मिट्टी   :  काली मिट्टी  को सामान्यत: मार और काबर कहते है  | यह चिपचिपी तथा कैल्केरियायुक्त और उर्वरा होती है |

    उत्तर प्रदेश में प्रमुख बांध

    बांध का नाम      -     नदी   -  निकटतम नगर   -   उंचाई मीटर में
    1. जिर्गो जलाशय - जिर्गो    -   मिर्जापूर          -     30
    2. माताटीला      -   बेतवा   -   झांसी              -     46
    3. रिहन्द          -    रिहन्द  -   मिर्जापूर          -     93
    4. मुसा कहन्द   -    कर्मनासा  -  वाराणसी      -     34
    5. रामगंगा       -   रामगंगा   -  धामपूर - बिजनौर -   128
    6. रामगंगा काठी  -  रामगंगा  -  बिजनौर         -    71
    7. मेजा              -   बेलम    -  मिर्जापूर          -    45

    उत्तर प्रदेश के प्रमुख नगर एवं उनके चर्चित उपनाम

    नगर        -        उपनाम
    1. आगरा  :-          ताजनगरी, पेठानगरी
    2. फिरोजाबाद  :-   सुहागनगरी, चूड़ीनगरी
    3. मथुरा  :-           कृष्णनगरी, पेड़ों का नगर, पण्ड़ों का नगर,  पण्ड़ों की नगरी
    4. अलीगढ़  :-        ताला नगरी
    5. बरेली  :-            बांस बरेली, सुरमा नगरी
    6. लखनऊ  :-         नवाबों का शहर, बागों का नगर, नजाकत - नफासत का शहर
    7. मुरादाबाद  :-      पीतल नगरी, बर्तनोंका शहर
    8. वाराणसी  :-        विश्वनाथ नगरी, मुक्ति नगर, रांड-सांड और पंण्डों का नगर, घाटों का नगर
    9. प्रयागराज -इलाहाबाद  :-   संगम नगरी, कुम्भनगरी, तीर्थराज
    10. मलीहाबाद  :-     आमों का नगर
    11. गोरखपुर  :-       गोरखधाम, नाथ नगर
    12. कानपूर  :-         चर्म नगर, उदयोग नगर, भारत का मैनचेस्टर
    13. गाजियाबाद  :-   छोटा दिल्ली, उदयोग नगरी
    14. अयोध्या  :-       तीर्थ नगर, रामनगर, रामभूमि-स्थल
    15. मेरठ  :-            कैंची नगर,  क्रांती नगर
    16. कन्नोज  :-        इत्रनगर, खुशबुओं का शहर
    17. गाजीपूर  :-        काशी की बहिन
    18. रामपुर  :-          नवाबों का शहर, चाकुओं का नगर
    19. जौनपुर  :-         शरीज - ए - हिन्द

    उत्तर प्रदेश वानिकी

    वनों के प्रकार : तराई के नम क्षेत्र वाले वन, विन्ध के शुष्क जलवायु के वन, बीहड़ व भाबर वन, सामाजिक तथा पंचायती वन |
    वन क्षेत्र :  21,833 वर्ग किमी
    वन्य जीव विहार :  24
    प्राणी उदयान  : 2
    राष्ट्रीय उदयान : 1
    प्रमुख वन्य जीव :  बाघ, जंगली हाथी, गैंडा, बारहसिंगा, हिरन, सुइस 'डॉल्फीन', घड़ियाल, अजगर एवं 650 प्रजातियों के पक्षी |

    वनों पर आधारित उदयोग एवं उनके केंद्र

    केंद्र - जनपद          =   वनों पर आधारीत उदयोग
    1. बरेली           =       रेजिन, माचिस, कत्था, फर्नीचर, बेंत
    2. नजीबाबाद - बिजनौर  =  प्लाईवुड
    3. सहारनपुर      =  कागज / पल्प
    4. मिर्झापुर, झांसी  =  बीड़ी, चीनी मिटी के खिलौने
    5. दुदधी ' सोनभद्र', वाराणसी  = लकडी के खिलौने
    6. मेरठ          =  खेल का सामान
    7. गोरखपुर, प्रयागराज - इलाहाबाद  =  बेंत, फर्नीचर

    उत्तर प्रदेश जनप्रतिनिधी

    सदस्य         -           संख्या
    1. लोकसभा सदस्य  :-  80
    2. राज्य सभा सदस्य  :-  31
    3. विधानसभा सदस्य  :-  404
    4. विधान परिषद सदस्य  :-  100

    उत्तर प्रदेश प्रमुख फसलें और ऋतु

            ऋतु            -  फसल
    1. रबी की फसल  :-  गेहू, जौ, मटर, चना, तम्बाकू, सरसों, लाही, आलू
    2. खरीफ की फसल  :-  ज्व्यार, बाजरा, मक्का, कपास, धान, गन्ना, सनई, दलहन
    3. जायद की फसल  :-  तम्बाकू, तरबूज, काशीफल, ककड़ी, प्याज

    फसल  :-  उत्पादक स्थान

    1. गेहु  :-  देश के गेंहू उत्पादन में उत्तर प्रदेश का पहला स्थान हे | मेरठ, बुलन्दशहर, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़ मुजप्फर नगर, मुरादाबाद, इटावा, कानपुर, फर्रुखाबाद 
    2. धान (चावल)  :-  संम्पूर्ण देश में उत्पादन का 15% धान उत्पादित करने वाले राज्य स्थान दुसरा हे |  पीलीभीत, सुलतानपूर देवरिया, जयप्रकाश नगर, बहराइच, बस्ती, रायबरेली, मऊ, बलिया, लखनऊ, महाराजगंज |
    3. बाजरा  :-  आगरा, मथुरा, बदायू, अलीगढ़, मुरादाबाद, फिरोदाबाद, एटा, मैनपुरी, इटावा, कानपुर, शाहजहांपूर, प्रतापगढ, गाजीपूर
    4. जी  :-  वाराणसी, अजमगढ, जौनपूर, बलिया, मऊ, गाजीपूर, गोरखपूर, प्रतापगढ, प्रयागराज - इलाहाबाद
    5. मक्का  :-  मेरठ, गाजियाबाद, बुलन्दश्हर, फर्रुदाबाद, जयप्रकाश नगर, जौनपूर, एटा, फिरोदाबाद, मैनपुरी
    6. चना  :-  राज्य में कम मात्रा में उत्पादन होने वाली फसल | हमीपूर, बांदा, झाांसी, ललीतपूर, जालौन, मिर्जापूर, सोनभद्र, फतेहपुर, कानपुर, सीतापूर, बाराबंकी, प्रयागराज - इलाहाबाद और आगरा
    7. अरहर  :-  वाराणसी, झांसी, ललितपूर, प्रयागपुर, प्रयागराज - इलाहाबाद, लखनऊ
    8. गन्ना  :-  गन्ना उत्पादन की दृष्टी से उत्तर प्रदेश का भारत में पहला स्थान हे | जहां देश का लगभग 48% गन्ना होता हे | राज्य का तराई क्षेत्र और गंगा का दोआब |
    9. मूंगफळी  :-  सीतापूर, हरदोई, एटा, बदायू, मुराबाद
    10. अलसी  :-  मिर्जापूर, सोनभद्र, प्रयागराज - इलाहाबाद, जयप्रकाशनगर, बहराईच और हमीपूर
    11. सरसों  :-  जयप्रकाशनगर, बहराईच, मिर्जापूर, सोनभद्र, कानपूर, सीतापूर, सहारनपूर, एटा, मेरठ, फैजाबाद, इटावा, सुल्तानपूर, मथुरा, अलीगढ, बुलन्दशहर
    12. कपास  :-  सहारनपूर, मुजप्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलन्दशहर, अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कानपुर, रामपुर, बरेली, मुरादाबाद, मथुरा, मैनपूरी और फर्रुखाबाद
    13. जूट  :-  बहराइच, महाराजगंज, देवरिया, जयप्रकाश नगर, सीतापूर और लखीमपूर खीरी
    14. तम्बाकू  :-  वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद, बुलन्दशहर, मैनपूरी, सहारनपूर और फर्रुखाबाद


    त्‍योहार

    इलाहाबाद में प्रत्‍येक बारहवें वर्ष कुंभ मेला आयोजित होता है जो कि संभवत: दुनिया का सबसे बड़ा मेला है। इसके अलावा इलाहाबाद में प्रत्‍येक 6 साल में अर्द्ध कुंभ मेले का आयोजन भी होता है। इलाहाबाद में ही प्रत्‍येक वर्ष जनवरी में माघ मेला भी आयोजित होता है, जहां बड़ी संख्‍या में लोग संगम में डुबकी लगाते हैं। अन्‍य मेलों में मथुरा, वृंदावन व अयोध्‍या के झूला मेले शामिल हैं, जिनमें प्रतिमाओं को सोने एवं चांदी के झूलों में रखा जाता है। ये झूला मेले एक पखवाड़े तक चलते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा में डुबकी लगाना अत्‍यंत पवित्र माना जाता है और इसके लिए गढ़मुक्‍तेश्‍वर, सोरन, राजघाट, काकोरा, बिठूर, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी और अयोध्‍या में बड़ी संख्‍या में लोग एकत्रित होते हैं। आगरा जिले के बटेश्‍वर कस्‍बे में पशुओं का प्रसिद्ध मेला लगता है। बाराबंकी जिले का देवा मेला मुस्‍लिम संत वारिस अली शाह के कारण काफी प्रसिद्ध हो गया है। इसके अतिरिक्‍त यहां हिंदू तथा मुस्‍लिमों के सभी प्रमुख त्‍यौहारों को राज्‍य भर में मनाया जाता है।

    यमुना जन्मोत्सव

    यमुना जन्मोत्सव: भारतीय संस्कृति के अनुसार नदियों को दैवीय रूप में पूजा जाता है । यमुना नदी का उद्गम स्थान हिमालय के हिमाच्छादित श्रंग बंदरपुच्छ में स्थित कालिंद पर्वत है, जिसके नाम पर यमुना को कालिंदजा अथवा कालिंदी कहा जाता है। यमुना देवी के रूप में पूजित हैं। श्रद्धालु भक्तों द्वारा चैत्र शुक्ल षष्ठी को यमुनाजी का जन्मोत्सव यमुना-जयंती के रूप में मनाया जाता है । ब्रज में श्रद्धालु बड़ी दूर–दूर से आते हैं, ब्रज कृष्ण लीलाओं में कृष्ण–प्रिया यमुना का बड़ा महत्व है। पुराणों के अनुसार देवी यमुना सूर्यदेव की पुत्री तथा मृत्यु के देवता यमराज इनके अग्रज व शनिदेव इनके अनुज हैं। वैष्णव मतानुसार, यमुना भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी हैं। जहां श्री कृष्ण ब्रज संस्कृति के जनक कहे जाते है, वहां यमुना ब्रज संस्कृति की जननी मानी जाती है।
    धोबिया नृत्यधोबिया नृत्य पूर्वांचल में प्रचलित है। यह नृत्य धोबी समुदाय द्वारा किया जाता है।
    इसके माध्यम से धोबी एवं गदहे के मध्य आजीविका संबंधों का भावप्रवण निरूपण किया जाता है।
    धोबी जाति द्वारा मृदंग, रणसिंगा, झांझ, डेढ़ताल, घुँघरू, घंटी बजाकर नाचा जाने वाला यह नृत्य जिस उत्सव में नहीं होता, उस उत्सव को अधूरा माना जाता है।
    सर पर पगड़ी, कमर में फेंटा, पावों में घुँघरू, हातों में करताल के साथ कलाकारों के बीच काठ का सजा घोडा ठुमुक- ठुमुक नाचने लगता है तो गायक-नर्तक भी उसी के साथ झूम उठता है।
    टेरी, गीत, चुटकुले के रंग, साज के संग यह एक अनोखा नृत्य है।
          Important GK Questions for you:-

    उत्तर प्रदेश की नदियां

    नदियां   =    उद्गम      =    लंबाई (किमी.)
    गंगा     =   उत्तराखंड    =   2525 
    राप्ती    =   नेपाल       =     640 
    यमुना   =  उत्तराखंड   =    1375 
    बेतवा     =  मध्य प्रदेश  =   480 
    घाघरा    =   तिब्बत      =    1080 
    गोमती   =  उत्तर प्रदेश  =   940 
    चंबल     =  मध्य प्रदेश   =  1050
    केन      =  मध्य प्रदेश    =   308 
    सोन      = मध्य प्रदेश    =   780 
    टोंस      = मध्य प्रदेश    =265
    रामगंगा = उत्तराखंड    = 690 
    शारदा    =  उत्तराखंड   =  160 ।

    उत्तर प्रदेश की सभी नदियों के बारे में Notes 

    ► उ.प्र. की सर्वाधिक लंबी नदी ’गंगा नदी है। गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदियां - रामगंगा, घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कोसी, यमुना हैं।
    ► उत्तरी किनारे से मिलने वाली सहायक नदियां रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी व बागमती तथा दक्षिण किनारे से मिलने वाली सहायक नदियां यमुना एवं सोन हैं। गंगा नदी , यमुना एवं पौराणिक सरस्वती नदी से इलाहाबाद में मिलती है। गंगा का उद्गम गंगोत्री हिमनद (केदारनाथ चोटी पर) से होता है। उद्गम स्थान पर गंगा को भागीरथी नाम से जाना जाता हैै। भागीरथी एवं अलकनंदा नदी का ही संयुक्त नाम गंगा नदी है। इन दोनों नदियांे का संगम देव प्रयाग में होता है। हरिद्वार से गंगा नदी मैदानी क्षेत्र मंे प्रवेश करती हैं। सहारनपुर जनपद से गंगा नदी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं। धौली व विष्णु गंगा नदी, गंगा नदी से विष्णु प्रयाग में मिलती हैं। मंदाकिनी नदी रूद्र प्रयाग में गंगा नदी से मिलती है। गंगा नदी उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार तथा पश्चिम बंगाल राज्यों से होकर बहती हैं। कन्नौज के निकट गंगा नदी से रामगंगा नदी मिलती हैं। गंगा नदी बांग्लादेश में बंगाल की खड़ी से मिलती हैं।
    गंगा नदी के किनारे स्थित उ.प्र. के प्रमुख नगर हैं- फर्रूखाबाद, कन्नौज, कानपुर, इलाहाबाद, मिर्जापुर , वाराणसी एवं गाजीपुर। कानपुर गंगा नदी के दाएं किनारे एवं वाराणसी बाएं किनारे पर स्थित हैं।
    ► हिमालय पर्वत से निकलने वाली उ.प्र. की प्रमुख नदियां गंगा, यमुना, रामगंगा, घाघरा, गंडक और राप्ती हैं। 
    ► यमुना उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी नदियां हैं। इनका बहाव उत्तर मेें हिमालय तथा दक्षिण में विंध्याचल द्वारा निर्धारित है। 
    ► यमुना नदी का उद्गम यमुनोत्री हिमनद मंे स्थित बंदरपूंछ से होता हैं। यमुना नदी उ.प्र. के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, प्रबुद्ध नगर मेरठ, गाजियाबाद , पंचशील नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, इटावा, जालौन, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर एवं इलाहाबाद जिलों से होकर बहती है। चंबल नदी, यमुना नदी से इटावा के पास मिलती है। बैतवा, यमुना नदी से हमीरपुर के निकट मिलती है। बांदा मंे भोजहा के निकट, यमुना नदी से केन नदी मिलती है। उ.प्र. के मथुरा, वृंदावन, आगरा, इटावा, काल्पी, हमीरपुर नगर यमुना नदी के किनारे अवस्थित है।
    ► उत्तर प्रदेश की अन्य प्रमुख  नदियों में - घाघरा, गोमती, चंबल, सोन, कर्मनाशा, चन्द्रप्रभा, रिहंद, बेलन एवं धसान उल्लेखनीय है। 
    ► उ.प्र. के मैदानी भाग से निकलने वाली प्रमुख नदियां- गोमती, वरुण, रिहंद, पांडो और ईसन हैं। 
    ► दक्षिण पठार से निकलने वाली उ.प्र. की प्रमुख नदियां - चंबल, बेतवा, केन, सोन, टाॅस, कंहार तथा रिहंद हैं।  
    ► रामगंगा नदी का उद्गम कुमाऊं हिमालय श्रेणी (गढ़वाल) से होता है। रामगंगा नदी कालागढ़ (बिजनौर) से मैदानी भागों में प्रवेश करती है। 
    ► शारदा नदी का उद्गम कुमाऊं हिमालय से होता है। प्रारंभ में इसे काली गंगा या गोरी गंगा के नाम से जाना जाता है। शारदा नदी पीलीभीत एवं नेपाल की सीमा निर्धारित करती है। शारदा नदी ब्रह्मदेव के निकट मैदानी भागों में प्रवेश करती है। सांप की भांति टेढ़े-मेढ़े मार्ग से होकर प्रवाहित होने वाली नदी शारदा नदी है। शारदा एवं घाघरा नदी का संगम बहरामघाट के निकट होता है। 
    ► अयोध्या सरयू नदी के किनारे अवस्थित है। 
    ► घाघरा नदी का उद्गम माप चांचुगो हिमनद (तिब्बत) से होता है। घाघरा नदी की सहायक नदियां करनाली, शिख, टीला, सेटी, बेरी, राप्ती एवं छोटी गंडक हैं। 


    ► राप्ती नदी का उद्गम स्थल रुकुम कोट (नेपाल) है। राप्ती की प्रमुख सहायक नदी रोहणी है। राप्ती एवं घाघरा नदियों का संगम देवरिया मंे बरहज नामक स्थान पर होता है। 
    ► चंबल नदी का उद्गम पहाड़ी, महू (मध्य प्रदेश ) से होता है। चंबल की प्रमुख सहायक नदियां काली सिंध, पार्वती एवं बनास हैं। चंबल नदी मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश राज्यों की सीमा को निर्धारित करती है। चंबल नदी पर बनाए गए प्रमुख बांध हैं - गांधी सागर बांध, राणा प्रताप सागर बांध एवं जवाहर सागर बांध। चंबल नदी अपनी गहरी कंदराओं एवं बीहड़ों के लिए प्रसिद्ध है। 
    ► बेतवा नदी का उद्गम कुमार गांव, रायसेन (उ.प्र.) से होता है। बेतवा नदी उ.प्र. के झांसी, औरिया, जालौन एवं हमीरपुर जिलों से होकर बहती है। 
    ► केन नदी का उद्गम कैमूर पहाड़ियेां से होता है। इसे कर्णवती उपनाम से भी जाना जाता है। केन नदी एवं यमुना नदी का संगम भोजहा के निकट होता है। 
    ► सोन नदी का उद्गम शेषाकुंड (अमरकंटक पहाड़ियां) से होता हैै । सेान की प्रमुख सहायक नदियां रिहंद एवं कुनहद हें। सोन नदी उ.प्र. के मिर्जापुर एवं सोनभद्र जिलों से होकर प्रवाहित होती है। 
    ► गोमती नदी का उद्गम उ.प्र. के पीलीभीत जिलों की फुल्हर झील से होता है। गोमती नदी उ.प्र. के शाहजहांपुर, खीरी, सीतापुर, लखनऊ, सुल्तानपुर एवं जौनपुर जिलों से होकर प्रवाहित होती हुई गाजीपुर जिले में गंगा नदी मे मिल जाती है। उ.प्र. की राजधानी लखनऊ गोमती नदी के किनारे ही स्थित है। 
    ► टोंस नदी का उद्गम तार्माकुंड, कैमूर श्रेणी (मध्य प्रदेश ) से होता है। टोंस की प्रमुख सहायक नदी बेलन नदी है। टांस नदी पर कई प्रसिद्ध जलप्रपात स्थित हैं। टोंस एवं गंगा नदी का संगम सिरसा (इलाहाबाद) में होता है। ध्यातव्य है कि टोंस नामक एक अन्य नदी (जो यमुना में मिलती है ) का उद्गम बंदर पूंछ पहाड़ी उत्तराखंड से होता है, परंतु यह उत्तर प्रदेश में प्रवाहित नहीं होती है। 

    उत्तर प्रदेश में प्रथम

    ● मुख्यमंत्री  -  पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त
    ● राज्यपाल    -   श्रीमती सरोजनी नायडू
    ● विधानसभा अध्यक्ष    -  राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन
    ● विधानपरिषद अध्यक्ष   -  चंद्रभान
    ● मुख्य न्यायाधीश   -  न्यायमूर्ति कमलाकांत वर्मा
    ● महिला मुख्यमंत्री   -  सुचेता कृपलानी
    ● दलित महिला मुख्यमंत्री   -  सुश्री मायावती
    ● लोकायुक्त - विशम्भर दयाल
    ● प्रदेश से निकलने वाला पहला हिंदी समाचार पत्र - बनारस अख़बार
    ● उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्राी का नाम सुचेता कृपलानी  है
    ● उत्तर प्रदेश की पहिला राज्यपाल महिला श्रीमती सरोजनी नायडू थी
    ● उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री श्री गोविन्द बल्लभ पंत थे
    ● उत्तर प्रदेश  का प्रथम हिंदी दैनिक समाचार पत्र हिन्दोस्तान का प्रकाशन 1887 ई मे प्रतापगढ़ में हुआ जिसे कालाकांकर के राजा रामपाल सिंह ने शुरु किया था
    ● उत्तर प्रदेश का प्रथम हिंदी साप्ताहिक ‘बनारस अखबार’ जनवरी 1945 में काशी बनारस से प्रकाशित हुआ
    ● उत्तर प्रदेश में प्रथम अंग्रेजी दैनिक ‘लीडर’ का प्रकाशन सन 1990 ई में पं. मदनमोहन मालवीय ने इलाहाबाद से प्रारंभ किया
    ● उत्तर प्रदेश के हिंदी के प्रथम गंभीर चिन्तन निबंधकार और आलोचक आचार्य रामचंद्र शुक्ल थे
    ● उत्तर प्रदेश का प्रथम विश्व विदयालय इलाहाबाद विश्व विदयालय है जिसकी स्थापना 1887 ई मे हुई थी
    ● 1791 में बनारस में रेजिडेंट डेकन ने प्रथम संस्कृत महाविदयालय की स्थापना की थी जिसमें हिन्दु धर्म, साहित्य एवं कानुन की शिक्षा की व्यवस्था थी
    ● उत्तर प्रदेश तथा भारत की आर्मी की प्रथम महिला ब्रिगेड रानी झाांसी ब्रिगेड थी, जो 23 अक्टूबर 1943 ई को ब्रिगेड बनी
    ●भारत वर्ष तथा उत्तर प्रदेश में 1956 ई मे प्रथम खेलकूद परिषद की स्थापना हुई थी
    ● प्रदेश की पहली महिला वकील कारनेलिया सोराबजी थी जो 1923 ई में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वकील थी
    ● भारत वर्ष तथा उत्तर प्रदेश में सर्व प्रथम ट्रैक्टर का प्रयोग उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खोरी में सरदार जोगेंद्र सिंह ने 1904 में किया था
    ● भारत वर्ष तथा उत्तर प्रदेश में सबसे पहली सीधी ट्रंक डयलिंग सेवा लखनऊ कानपुर के बीच 26 नवम्बर 1960 ई को शुरु की गई थी
    ● भारत का पहला ग्रामीण बँक मुरादाबाद और गोरखपुर में 2 अक्टुंबर 1975 को खुला
    ● भारत का पहला राष्ट्रीय पार्क 1936 में स्थापित हेली पार्क है जिसे आजादी के बाद रामगंगा पार्क नाम मिला, और आज जिसे जिम कार्बेट नेशनल पार्क ( जो अब उत्तराखण्ड में है ) कहा जाता है
    ● भारत में सर्व प्रथम उर्दू अकॅडेमी की शुरुवात उत्तर प्रदेश में हुई
    ● उत्तर प्रदेश की प्रथम अनुसूचीत जाती की पहली महिला मुख्यमंत्री मायावती बनी थी

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