अल्बर्ट आइन्स्टीन के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य - Amazing facts about Albert Einstein - Exam Prepare -->

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Apr 27, 2018

अल्बर्ट आइन्स्टीन के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य - Amazing facts about Albert Einstein

अल्बर्ट आइन्स्टीन के बारे में

अल्बर्ट आइन्स्टीन का जन्म 14 मार्च 1879 को जर्मनी में हुआ था। अल्बर्ट आइन्स्टीन यहूदी धर्म से आते हैं इनका परिवार एक यहूदी हैं। इनके पिता एक इंजिनियर और सेल्समैन थे। बचपन से ही अल्बर्ट आइन्स्टीन पढ़ाई में अच्छे थे और हर समय क्लास में अव्वल आते थें। इनकी भाषा जर्मन हैं, इसके बाद इन्होंने इटालियन और अंग्रेज़ी भाषा का भी ज्ञान प्राप्त किया था।
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Albert Einstein
1880 इनका परिवार म्यूनिख शहर चला गया था जहाँ पर इनके पिता और चाचा ने एक कंपनी खोली थीं। यह कंपनी बिजली के उपकरण बनाती हैं। एक समय म्यूनिख शहर के मेले में इन्होंने बिजली का इंतजाम भी किया था। इनकी माँ ने इन्हें सारंगी बजाना सिखाया था। इनकी शुरूआती शिक्षा कैथोलिक प्राथमिक स्कूल में हुई थीं।


आइन्स्टीन ने शुरू में मॉडल और बिजली के यांत्रिक उपकरणों का निर्माण शुरू किया था। साल 1889 में अल्बर्ट आइन्स्टीन को मैक्स तल्मूड ने 10 वर्षीय आइन्स्टीन को विज्ञान में महत्वपूर्ण ग्रंथो से परिचय कराया था। तल्मूड अलबर्ट के दोस्त थें और यहूदी धर्म के छात्र थें। तल्मूड ने पुरे दिल से कई धर्मनिरपेक्ष शैक्षिक हितों के माध्यम से आइन्स्टीन को प्रेरित किया था।

अल्बर्ट आइन्स्टीन के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य

1. जब आइंस्टाइन का जन्म हुआ तब इनका सिर बहुत बड़ा था और इन्होंने 4 साल की उम्र तक बोलना भी शुरू नही किया था। मगर एक दिन जब 4 साल के आइंनस्टाइन अपने माता पिता के साथ रात के खाने पर बैठे थे तो उन्होने अपनी चार साल की चुप्पी तोडते हुए कहा -‘shoop बहुत गर्म है ‘। अपने बेटे के इस तरह से चार साल बाद एकदम बोलने से आइंनस्टाइन के माता-पिता हैरान हो गए।

2. आइंनस्टाइन समुद्री यात्रा करते समय और violin बजाते समय मोजे (जुराबे )पहनने पसंद नही करते थे।
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3. जब आइंस्टाइन प्रिंसटन यूनिव्हर्सिटी में कार्यरत थे तो एक दिन university से घर वापस आते समय वे अपने घर का पता ही भूल गए। हालांकि प्रिंसटन के ज्यादातर लोग आइंस्टाइन को पहचानते थे, किंतु जिस texy में वे बैठे थे उसका driver उन्हें नहीं पहचानता था। आइंस्टाइन ने driver से कहा, “क्या तुम्हें आइंस्टाइन का पता मालूम है?” driver ने जवाब दिया, “प्रिंसटन में भला कौन उनका पता नहीं जानेगा? यदि आप उनसे मिलना चाहते हैं तो मैं आपको उनके घर तक पहुँचा सकता हूँ।” तब आइंस्टीन ने driver को बताया कि वे खुद ही आइंस्टाइन हैं और अपने घर का पता भूल गए हैं। यह जानकर driver ने उन्हें उनके घर तक पहुँचाया और आइंस्टाइन के बार-बार आग्रह के बावजूद भी, texy का भाड़ा भी नहीं लिया।

4. आइन्स्टीन ने एक बार कहा – “बचपन में मेरे पैर के अंगूठे से मेरे मोजों में छेद हो जाते थे इसलिए मैंने मोजे पहनना बंद कर दिया”।

5. कैलटेक (कैलिफोर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) ने अलबर्ट आइंस्टाइन को एक समारोह में आमंत्रित किया। आइंस्टाइन अपनी पत्नी के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए। उन्होंने माउन्ट विल्सन पर स्थित अन्तरिक्ष वेधशाला भी देखी। उस वेधशाला में उस समय तक बनी दुनिया की सबसे बड़ी अन्तरिक्ष दूरबीन स्थापित थी। इतनी बड़ी दूरबीन को देखने के बाद श्रीमती आइंस्टाइन ने वेधशाला के प्रभारी से पूछा – “इतनी बड़ी दूरबीन से आप क्या देखते हैं?”प्रभारी को यह लगा कि श्रीमती आइंस्टाइन का खगोलशास्त्रीय ज्ञान कुछ कम है। उसने बड़े रौब से उत्तर दिया – “इससे हम ब्रम्हांड के रहस्यों का पता लगाते हैं।” “बड़ी अजीब बात है। मेरे पति तो यह सब उनको मिली चिठ्ठियों के लिफाफों पर ही कर लेते हैं” – श्रीमती आइंस्टाइन ने कहा।

6. नाजी गतिविधियों के कारण आइंस्टाइन को जर्मनी छोड़कर अमेरिका में शरण लेनी पड़ी। उन्हें बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों ने अपने यहाँ आचार्य का पद देने के लिए निमंत्रित किया लेकिन आइंस्टाइन ने प्रिंसटन विश्वविद्यालय को उसके शांत बौद्धिक वातावरण के कारण चुन लिया। पहली बार प्रिंसटन पहुँचने पर वहां के प्रशासनिक अधिकारी ने आइंस्टाइन से कहा – “आप प्रयोग के लिए आवश्यक उपकरणों की सूची दे दें ताकि आपके कार्य के लिए उन्हें जल्दी ही उपलब्ध कराया जा सके।”आइंस्टाइन ने सहजता से कहा – “आप मुझे केवल एक ब्लैकबोर्ड, कुछ चाक, कागज़ और पेन्सिल दे दीजिये।” यह सुनकर अधिकारी हैरान हो गया। इससे पहले कि वह कुछ और कहता, आइंस्टाइन ने कहा – “और एक बड़ी टोकरी भी मंगा लीजिये क्योंकि अपना काम करते समय मैं बहुत सारी गलतियाँ भी करता हूँ और छोटी टोकरी बहुत जल्दी रद्दी से भर जाती है।”

7. जब लोग आइंस्टाइन से उनकी प्रयोगशाला के बारे में पूछते थे तो वे केवल अपने सर की ओर इशारा करके मुस्कुरा देते थे। एक वैज्ञानिक ने उनसे उनके सबसे प्रिय उपकरण के बारे में पूछा तो आइन्स्टीन ने उसे अपना फाउंटन पेन दिखाया। उनका दिमाग उनकी प्रयोगशाला थी और फाउंटन पेन उनका उपकरण।

8. आइंनस्टाइन की यादआसत कुछ ज्यादा अच्छी नही थी .उन्हें Dates और Phone numbers याद रखने में problem होती थी। यहाँ तक कि उन्हे खुद का नंम्बर याद नही रहता था।

9. आइंस्टाइन को सिगार पीना बहुत पसंद था। इतना कि एक बार वह नौका विहार के दौरान नदी में गिर गए और बाहर निकले तो पूरी तरह भीग चुके थे, लेकिन इस दौरान भी उन्होंने बडी हिफाजत से अपने पाइप को बचाए रखा। मॉन्ट्रियल स्मोकर्स क्लब के वह सदस्य थे। एक बार उन्होंने कहा था, सिगार पीने से दुनियादारी से जुडे या व्यावहारिक मामलों में सही नतीजों तक पहुंचने और शांत रह पाने में बहुत मदद मिलती है।


10. आइंन्स्टाइन का जन्मदिन 14 मार्च को पूरी दुनिया में ‘जीनियस डे’ के रूप में मनाया जाता है।

11. आइंनस्टाइन बढ़ीया काम करने के लिए रात को 10 घंटे तक सोते थे।

12. वह बहुत ही अयोग्य संगीतकार थे। चार्ली चैप्लिन की जीवनी में एक जगह आइंस्टाइन के संगीत प्रेम का उल्लेख आता है। वह अपनी किचन में जाकर वॉयलिन बजाते थे, खाली समय में मोजार्ट का संगीत सुनते थे, यानी संगीत से उन्हें दिली लगाव था और बचपन से बुढापे तक एक वॉयलिन उनके पास हमेशा रहा। लेकिन संगीत का ज्ञान उन्हें इतना कम था कि कई बार तो धुरंधरों के बीच में बैठकर भी बेसुरा संगीत आत्मविश्वास के साथ बजाते थे और लोगों की ओर दाद देने के लिए देखते। बाकी लोग हंसते, लेकिन उनकी पत्नी हमेशा उनकी हौसलाअफजाई करतीं।

13. आइन्स्टीन के एक सहकर्मी ने उनसे उनका टेलीफोन नंबर पूछा। आइन्स्टीन पास रखी टेलीफोन डायरेक्टरी में अपना नंबर ढूँढने लगे। सहकर्मी चकित होकर बोला – “आपको अपना ख़ुद का टेलीफोन नंबर भी याद नहीं है?” “नहीं” – आइन्स्टीन बोले – “किसी ऐसी चीज़ को मैं भला क्यों याद रखूँ जो मुझे किताब में ढूँढने से मिल जाती है”।आइन्स्टीन कहा करते थे कि वे कोई भी ऐसी चीज़ याद नहीं रखते जिसे दो मिनट में ही ढूँढा जा सकता हो।

14. महान वैज्ञानिक की स्मरण शक्ति बहुत खराब थी। व्यावहारिक दुनिया की बहुत सी बातें वे अक्सरह भूल जाया करते थे। मसलन बच्चों का बर्थ डे या फिर कोई भी खास दिन। एक बार तो अपनी गर्ल फ्रेंड का बर्थ डे भी भूल गए। अगले दिन उन्होंने एक पत्र लिखकर इसकी माफी मांगी। उसमें लिखा-स्वीटहार्ट, पहले तो मेरी बधाइयां स्वीकारो अपने बीत चुके बर्थ डे के लिए…जो कल था और एक बार फिर मैं उसे भूल गया।

15. एक बार आइंनस्टाइन के गणित के प्रोफैसर ने उन्हे ‘Lazy dog’ तक कह दिया था क्योकि आइंनस्टाइन पढ़ाई में बहुत कमजोर थे।

16. आइंनस्टाइन के मन के अंदर विज्ञान के प्रति रूचि तब पैदा बुई जब उनकी उम्र पाँच साल थी और उनके पिता ने उन्हें एक Compass लाकर दिया।

17. वैसे तो आइंनस्टाइन की सभी खोजे प्रसिद्ध है। मगर उनकी सबसे ज्यादा प्रसिद्धी तब हुई जब उन्होने पु्ंज-उर्जा तुल्य (E=mc2) पर पत्र प्रकाशित किया। इसका मतलब ईकाई पुंज को अगर प्रकाश की गति के वर्ग के साथ गुणा कर दिया जाए तो उससे उतनी ही उर्जा प्राप्त होती है। इस से प्रेरित होकर ही नए वैज्ञानिकों ने प्रमाणु बम पर शोध शुरु कर दिए थे. मगर आइंनस्टाइन जिन्दगी भर इस गलत प्रयोग के विरूद्ध थे।ये भी पढ़े :-
18. एक बार आइंनस्टाइन को उनके अजीब व्यवहार के कारण स्कूल से निकाल दिया गया और वह 17 साल की उम्र में college entrace के सारे Exams में गणित और विज्ञान को छोड़कर सभी विषयो में फेल हो गए थे।

19. ऊपरी चित्र तब लिया गया था जब 1941 में आइंनस्टाइन पार्टी पूरी करके आ रहे थे और उन्से एक फोटोग्राफर ने मुसकराते हुए फोटो खिचवाने का आग्रह किया। आइंनस्टाइन जो पहले ही थके हुए थे अपनी जीभ बाहर निकाल कर अपना फोटो दिया। फोटोग्राफर ने यह यादगार लम्हा कैद कर लिया।

20. 1952 में अमरीका ने आइंनस्टाइन को इजराइल का राष्ट्रपति बनने की पेशकश की परन्तु आइंनस्टाइन ने यह पेशकश यह कह कर ठुकरा दी कि वह राजनीती के लिए नही बने। इसका कारण यह है कि आईँस्टाइन एक यहुदी थे और इजराइल एक यहुदी देश।
21. एक दिन अल्बर्ट आइंस्टाइन भाषण देने जा रहे थे तो रास्ते में उनके ड्राइव्हर ने कहा कि आपका भाषण मैं इतनी बार सुन चुका हूँ कि लोगों के सामने मैं ही आपका भाषण दे सकता हूँ। यह कहकर कि ‘ठीक है आज तुम्हीं भाषण देना’ आइंस्टाइन ने ड्राइव्हर की पोशाक पहन कर उसका स्थान ले लिया और अपना स्थान ड्राइव्हर को दे दिया। भाषण हॉल में ड्राइव्हर ने सचमुच, आइंस्टाइन के जैसे ही, धुआँधार भाषण दिया। भाषण देने के बाद जब लोगों ने प्रश्न पूछने शूरू किए और ड्राइव्हर पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब भी सही दिए। किन्तु किसी एक ने ऐसा कठिन प्रश्न पूछ लिया कि ड्राइव्हर को उसका उत्तर नहीं पता था। इस पर ड्राइव्हर ने कहा, “अरे इस प्रश्न का जवाब तो इतना सरल है कि मेरा ड्राइव्हर बता देगा।” ऐसा कहकर उसने ड्राइव्हर वाली पोशाक पहने आइंस्टाइन को जवाब देने के लिए खड़ा कर दिया।

22. एक बार आइंस्टाइन प्रिंसटन से कहीं जाने के लिए ट्रेन से सफर कर रहे थे। जब टिकट चेकर उनके पास आया तो वे अपनी टिकट ढ़ूँढ़ने के लिए जेबें टटोलने लगे। जेब में टिकट के न मिलने पर उन्होंने अपने सूटकेस को चेक किया। वहाँ भी टिकट को नदारद पाकर अपनी सीट के आस-पास खोजने लगे। यह देखकर चेकर ने कहा कि यदि टिकट गुम हो गई है तो कोई बात नहीं, वह उन्हें अच्छी प्रकार से पहचानता है और उसे विश्वास है कि टिकट जरूर खरीदी गई होगी।चेकर जब बोगी के सभी लोगों का टिकट चेक करके वापस जा रहा था तो उसने देखा कि आइंस्टाइन अपनी सीट के नीचे टिकट ढ़ूँढ़ रहे हैं। तब चेकर फिर से उन्हे कहा कि वे टिकट के लिए परेशान न हों, उनसे टिकट नहीं माँगा जाएगा। चेकर की बातें सुनकर आइंस्टाइन ने कहा, “पर टिकट के बिना मुझे पता कैसे चलेगा कि मैं जा कहाँ रहा हूँ?”

23. अल्बर्ट आइन्स्टीन के प्रेम के किस्सो की 1 लम्बी list है। उनकी मृत्यु के 20 साल बाद उनकी सौतेली बेटी ने उनके 1500 पत्र प्रकाशित किये जिनमें उनके लगभग 6 प्रेम संबंधो का खुलासा हुआ। वह अपने प्रेम संबंधो का ताजा हाल अपनी इस बेटी को चिट्ठियो में लिखा करते थे। हालाँकि कई जानकारो का कहना है कि वह 20 से भी ज्यादा प्रेम संबंधो में रहे। उनकी एक प्रेमिका मशहूर अदाकारा मर्लिन मुनरो भी थी। आइन्स्टीन की लोकप्रियता और उनकी विद्वता के चर्चे महिलाओ को उनकी ओर आकर्षित करते थे। एक बार Germany की 1 सोशलाईट जिसे वह M कहते थे, उनसे मिली और प्रेम में डूब गई। उसने आइंस्टीन पर तोहफो की बौछार कर दी। वे कुछ समय जर्मनी में साथ रहे और फिर आइंस्टीन लंडन आ गये। वह उनके पीछे लंडन आ गई। उसके बाद आइंस्टीन अमरीका चले गये। वह वहां भी पहुँच गई। उनकी ऐसी ही रूसी प्रेमिका भी थी, जिसे वह जासूस कहते थे। उसने भी आइंस्टीन के पीछे लगभग आधी दुनियां का चक्कर लगा लिया था।

24. किसी समारोह में एक महिला ने आइंस्टीन से सापेक्षता का सिद्धांत समझाने का अनुरोध किया। आइन्स्टीन ने कहा: “मैडम, एक बार मैं देहात में अपने अंधे मित्र के साथ घूम रहा था और मैंने उससे कहा कि मुझे दूध पीने की इच्छा हो रही है“। “दूध?” – मेरे मित्र ने कहा – “पीना तो मैं समझता हूँ लेकिन दूध क्या होता है?”“दूध एक सफ़ेद द्रव होता है” – मैंने जवाब दिया। “द्रव तो मैं जानता हूँ लेकिन सफ़ेद क्या होता है?” “सफ़ेद – जैसे हंस के पंख“। “पंख तो मैं महसूस कर सकता हूँ लेकिन ये हंस क्या होता है?” “एक पक्षी जिसकी गरदन मुडी सी होती है“। “गरदन तो मैं जानता हूँ लेकिन यह मुडी सी क्या है?” “अब मेरा धैर्य जवाब देने लगा। मैंने उसकी बांह पकड़ी और सीधी तानकर कहा – “यह सीधी है!” – फ़िर मैंने उसे मोड़ दिया और कहा – “यह मुडी हुई है“। “ओह!” – अंधे मित्र ने कहा – “अब मैं समझ गया दूध क्या होता है“।

25. जब आइन्स्टीन विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे तब एक दिन एक छात्र उनके पास आया। वह बोला – “इस साल की परीक्षा में वही प्रश्न आए हैं जो पिछले साल की परीक्षा में आए थे”। “हाँ” – आइन्स्टीन ने कहा – “लेकिन इस साल उत्तर बदल गए हैं”।

26. आइंस्टाइन की मृत्यु के बाद उनके परिवार की अनुमति के बिना उनका दिमाग निकाल लिया गया। यह अनैतिक कार्य Dr.Thomas Harvey द्वारा उनके दिमाग पर रिसर्च करने के लिए किया गया। 1975 में उनके बेटे Hans की आज्ञा से उनके दिमाग के 240 सैंपल कई वैज्ञानिकों के पास भेजे जिन्हें देखने के बाद उन्होने पाया कि उन्के दिमाग में आम इन्सान से ज्यादा cells की गिणती है।

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