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Apr 16, 2018

मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान - National Park of Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान

National Park of Madhya Pradesh

► मध्यप्रदेश भारत में सर्वाधिक राष्ट्रीय उद्यान वाला राज्य है। प्रदेश में कुल 11 राष्ट्रीय उद्यानहै।
► कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान मध्यप्रदेश का पहला बाघ परियोजना में शामिल राष्ट्रीय उद्यान हैं।
► मध्यप्रदेश में 1974 से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम लागू है।
► मध्यप्रदेश में सर्वाधिक बाघ कान्हा किसली उद्यान में पाए जाते हैं एव बाघों का सर्वाधिक घनत्व बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में है।
►मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य में चीतल सर्वाधिक संख्या में पाए जाने वाला जानवर है। मध्यप्रदेश के रीवा को सफेद शेरो की जन्म भूमि कहा जाता है।

कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान

कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान मंडला जिले के अंतर्गत आता है । यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान हैं, यह लगभग 940 वर्ग किमी में फैला हुआ है। इसे सन् 1933 में अभ्यारण तथा 1955 में नेशनल पार्क बनाया गया था। कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान को 1974 में बाघ परियोजना ( Tiger Reserve ) में शामिल किया गया। इस राष्ट्रीय उद्यान में बारहसिंगा , चीतल , चिंगार , बाघ , तेंदुआ , भालू आदि जानवर पाए जाते हैं। यहां पर हालो घाटी तथा बंजर घाटी प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। इस राष्ट्रीय उद्यान में वर्ल्ड बैंक ( world bank ) की सहायता से पार्क इंटर प्रीवेंशल योजना चल रही है।


पन्ना राष्ट्रीय उद्यान

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के पन्ना एवं छतरपुर में फैला हुआ है। इसका क्षेत्रफल लगभग 543 वर्ग किमी है। इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना सन् 1981 में हुई थी तथा इसे 1994 में बाघ परियोजना में शामिल किया गया।

सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान

यह होशंगाबाद जिले में लगभग 525 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह सन् 1983 में स्थापित किया गया था। सतपुड़ा नेशनल पार्क में कृष्ण मृगों की संख्या अधिक है।

बांधवगढ राष्ट्रीय उद्यान

यह राष्ट्रीय उद्यान उमरिया शहडोल जिलों में है। इसका क्षेत्रफल लगभग 437 वर्ग किमी है। बांधवगढ राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना सन् 1968 में की गई थी तथा इसे 1993 में बाघ परियोजना में शामिल किया गया था। यहां बाघों का सर्वाधिक घनत्व है। इस राष्ट्रीय उद्यान में सफेद शेर पायें जाते हैं। यह 32 पहाड़ियों से घिरा हुआ है।

माधव राष्ट्रीय उद्यान

यह 1958 में स्थापित किया गया था। यह शिवपुरी जिले में है, इसका क्षेत्रफल लगभग 337 वर्ग किमी है। इस उद्यान से राष्ट्रीय राजमार्ग 3 आगरा - मुंबई गुजरता है। जार्ज कैसल भवन यही पर है।

पेंच राष्ट्रीय उद्यान

यह सिवनी - छिन्दवाड़ा जिले तथा महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में फैला हुआ है। इसका क्षेत्रफल लगभग 293 वर्ग किमी है। इसकी स्थापना सन् 1975 में हुई थी। इस राष्ट्रीय उद्यान में मोगली लैंड क्षेत्र तथा वॅाटर राफ्टिंग सुविधा है।

फॅासिल जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान

यह मंडला, डिंडोरी जिले में है। क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्यप्रदेश का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान हैं इसका क्षेत्रफल लगभग 0.27 वर्ग किमी है। इसकी स्थापना 1968 में की गई थी। इस उद्यान में पादपों तथा जन्तुओं के जीवाश्म पाए जाते हैं।

संजय राष्ट्रीय उद्यान

यह राष्ट्रीय उद्यान 1981 में स्थापित किया गया था। यह मध्यप्रदेश के सीधी जिले में है। इस राष्ट्रीय उद्यान का कुछ हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में चला गया है। इसका क्षेत्रफल लगभग 467 वर्ग किमी है।

वन विहार

सन् 1979 में स्थापित यह राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में स्थित है। इसका क्षेत्रफल लगभग 4. 452 वर्ग किमी है।

ओंकारेश्वर राष्ट्रीय उद्यान

यह राष्ट्रीय उद्यान खण्डवा में स्थित है , इसका क्षेत्रफल 293 वर्ग किमी है

डायनासौर जीवाश्म उद्यान 

यह धार जिले में 2010 में स्थापित किया गया था। इसका क्षेत्रफल लगभग 0.897 है।

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